ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
फीस बढ़ोतरी के खिलाफ एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज धरना स्थल पर अपनी ही सरकार के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) के छात्र धरना देने पहुंचे। उनका कहना था कि सरकार का यह फैसला छात्र हित में नहीं है। हालांकि मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने एबीवीपी का समर्थन लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अलग से प्रदर्शन किया।
फीस बढ़ोतरी के लेकर मेडिकल छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बाहरी छात्र संगठनों के समर्थन से साफ इंकार किया। छात्रों ने कहा कि यह हमारी अकेले की लड़ाई है। वह राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर कॉलेेज को राजनीतिक गलियारा नहीं बनाना चाहते। दो दिन सेे अभिभावकाें का साथ मिलते ही छात्रों में सरकार के खिलाफ दिन-रात डटे हुए हैं। जब बृहस्पतिवार को एबीवीपी के कार्यकर्ता एवं डीएवी छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी, डीबीएस छात्रसंघ अध्यक्ष योगेश घाघट सहित डीएवी, एसजीआरआर पीजी कॉलेज के एबीवीपी कार्यकर्ता मेडिकल छात्रों के साथ हो रही नाइंसाफी को देखते हुए समर्थन देने पहंचे तो मेडिकल छात्रों ने समर्थन लेने से साफ इंकार कर दिया। उन्हें मुख्य गेट से अंदर तक आने नहीं आने दिया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भीतर एंट्री न मिलने के बाद सड़क पर ही फीस बढ़ोतरी को लेकर त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों मेें व्यापारीकरण और बाजारीकरण पर आक्रोश जताते हुए निर्णय को वापस लेने की मांग रखी। उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। एबीवीपी की ओर से मनीष रावत, कुलदीप पंत, अरुण चमोली, तरुण जैन, गिरीश भट्ट आदि ने प्रदर्शन किया। उधर, मेडिकल छात्रों के 100 से अधिक अभिभावकों ने कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बयान::
एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज प्रबंधन आंदोलनरत छात्र-छात्राओं को फ ीस के संबंध में पूरी बात स्पष्ट कर चुका है। देश के मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस फ ीस निर्धारण पर तुलनात्मक अध्ययन हो और उत्तराखंड के प्राईवेट मेडिकल कॉलेजों के लिए फ ीस का निर्धारण हो। यदि भावी डॉक्टर माननीय न्यायालय के समक्ष बांड भरकर इस बात का आश्वासन देते हैं कि वह कोर्स पूरा होने के बाद उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में चार से पांच साल अनिवार्य रूप से सेवाएं देंगे तो प्राईवेट मेडिकल कॉलेज भी राज्य हित में आगे आकर फ ीस निर्धारण पर छात्र-छात्राओं को पूरा सहयोग करेंगे। हमने छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वह आंदोलन समाप्त करें व शैक्षणिक गतिविधियों में लौट जाएं। पीजी छात्रों को नोटिस जारी कर अपील की गई है कि वह हड़ताल समाप्त करें और इमरजेंसी व वार्ड ड्यूटी तत्काल ज्वाइन करें।
- भूपेंद्र रतूड़ी, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज