शासन स्तर पर तय होगा शिक्षकों से वसूली होगी या नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। निर्धारित वेतनमान से अधिक वेतन पाने वाले राजकीय शिक्षकों की वसूली का मुद्दा शासन स्तर पर तय होगा। वित्त विभाग की जो भी टीमें जांच के लिए जिलों मेें भेजी गई हैं। उनके स्तर पर वेतन निर्धारण के संबंध में हर शिक्षकों की आख्या मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। साथ ही यह निर्णय निदेशालय के बजाए शासन स्तर से लिया जाएगा कि शिक्षकों से वसूली की जाए या नहीं? यह निर्णय वित्त नियंत्रक व राजकीय शिक्षक संघ पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में लिया गया।
बैठक के दौरान संघ पदाधिकारियाें ने शिक्षकों से वसूली का मुद्दा उठाया। वित्त नियंत्रक ने कहा कि इस संबंध मेें कोई भी निर्णय विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। वित्त नियंत्रक ने कहा कि शिक्षकों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। बैठक में सहमति बनी कि यदि किसी शिक्षक को शासनादेश में दी गई तालिका से वेतन निर्धारण के उपरांत अधिक वेतन मिला है या वसूली किए जाने से वह संतुष्ट है तो विभागीय जांच अधिकारियोें को वसूली के लिए सहमति दे सकता है। किसी भी शिक्षक से जबरदस्ती वसूली नहीं की जाएगी। इस संबंध में मंगलवार को निदेशक से वार्ता की जाएगी।
वार्ता में राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला, मंडल अध्यक्ष गढ़वाल रवींद्र सिंह राणा, मंत्री हेमंत पैन्यूली, सुभाष झिल्डियाल, राकेश रमोला समेत कई पदाधिकारी व शिक्षक शामिल थे।