ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
कालसी ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय साहिया पाटन में बरसात में गिरा पुश्ता नौनिहालों के लिए खतरा बना हुआ है। नौनिहालों का ध्यान पढ़ाई से अधिक अपनी सुरक्षा पर रहता है। कई बार शिकायत के बाद भी विद्यालय प्रांगण के सामने चार माह पूर्व गिरे पुश्ते का निर्माण नहीं हो पाया है। विद्यालय में सुरक्षा दीवार भी नहीं है।
यह आलम तब है जब सरकार सरकारी विद्यालयों में समावेशी माहौल में गुणवत्ता परक शिक्षा मुहैया कराने का दावा कर रही है। शिक्षा विभाग ने क्षतिग्रस्त पुश्ते के सामने खतरे का बोर्ड तो लगा दिया। लेकिन, चार माह बाद भी पुश्ते के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक विद्यालय में नौनिहालों को सुरक्षा मुहैया कराना अनिवार्य है। इसके लिए विद्यालय के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाए जाने का प्रावधान है। लेकिन, विभाग इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष बबली देवी, संतराम, खजान वर्मा, परम सिंह, सुल्तान सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुश्ता निर्माण के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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प्रावि विद्यालय साहिया पाटन में क्षतिग्रस्त पुश्ता निर्माण के लिए दैवीय आपदा मद के तहत प्रस्ताव उचित माध्यम से भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- आरएस राणा, खंड शिक्षाधिकारी, कालसी