ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
उत्तराखंड के प्रत्येक विश्वविद्यालय में नए शिक्षा सत्र से योग, संस्कृत और वेदों का अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए सभी विश्वविद्यालय में अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं, इसे पढ़ाई में भी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को विकासनगर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेद सम्मेलन के शुभारंभ पर इसकी घोषणा की।
मार्तंड वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान विकासनगर की ओर से सोमवार को विद्यापीठ मार्ग पर आयोजित वेद सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनका संस्कृत और वेदों के प्रति खासा लगाव रहा है, आने वाली पीढ़ी को पारंपरिक ज्ञान मिल सके, इसके लिए योग, संस्कृत और वेदों को विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में मंगलवार से शुरू हो रही अटल आयुष्मान योजना के बारे में बताया कि इस योजना से उत्तराखंड का हर परिवार लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री की ओर से हर परिवार को योजना की जानकारी संबंधी पत्र भेजा जाएगा। वेद सम्मेलन में मुख्य अतिथि विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि वेद भारतीय संस्कृति का स्तंभ हैं। वेदों के पठन पाठन से पूरे विश्व का कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं, लोगों में घृणा का भाव बढ़ रहा है। ऐसे में यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा। सम्मेलन में संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति पीयुषकांत दीक्षित, मुख्य संयोजक डॉ. सुनील पैन्यूली, भीलवाड़ा राजस्थान से आए शंख विशेषज्ञ हनुमत प्रसाद नौटियाल, नगर पालिकाध्यक्ष शांति जुवांठा, सुमन प्रसाद रतूड़ी, जगदीश प्रसाद जोशी, श्रीनिवास पैन्यूली, शैलेंद्र उनियाल, आचार्य विपिन, ललित, चंद्र किशोर शास्त्री, महावीर अग्रवाल, टीकाराम शाह, अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।