ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
प्रदेश में बेरोजगारों को रोजगार के लिए उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) की तर्ज पर आउटसोर्स एजेंसी बनेगी। उपनल में केवल पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को नियुक्तियां दी जाती हैं। जबकि, सेवायोजन विभाग के अंतर्गत बनने वाली आउटसोर्स एजेंसी में प्रदेश के किसी भी व्यक्ति को नियुक्ति दी जा सकेगी।
ये बातें कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहीं। वह आशा राम वैदिक इंटर कॉलेज में विशिष्ट सेवायोजन कार्यालय कालसी और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत आयोजित रोजगार मेले में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में नौ लाख से अधिक बेरोजगार विभिन्न सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकृत हैं। जबकि, बेरोजगारों की संख्या इससे भी अधिक हो सकती है। इसके लिए जिन बेरोजगारों को मेले में रोजगार दिया जा रहा है, उसकी निगरानी के लिए जल्द ही मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। मॉनिटरिंग सेल देखेगा कि इंडस्ट्रियों में रोजगार दिया जा रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पहला ऐसा प्रदेश है जहां सेवायोजन अधिकारियों को कौशल विकास का नोडल अधिकारी बनाया गया है। क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि इस तरह के मेलों से बेरोजगारों को रोजगार एवं कंपनियों को दक्ष युवा मिल सकेंगे।
इस दौरान नगर पालिकाध्यक्ष शांति जुवांठा, सीडीओ जीएस रावत, निदेशक सेवायोजन जेएस नगन्याल, उप निदेशक चंद्रकांता, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह, सहायक सेवायोजन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी, विशिष्ट सेवायोजन अधिकारी लक्ष्मी यादव, रोहित फर्त्याल, इंद्र सिंह चौहान, केएस मेवाड़, धीर सिंह, रजनीश कुमार, धन सिंह रावत, सुपाराम बिजल्वाण, अंकित रावत, विपिन रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
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रोजगार मेले में नहीं पहुंचे बेरोजगार
रोजगार मेले में विभिन्न 18 कंपनियों में चार हजार पद रिक्त थे। हालांकि, बाद में सेवायोजन विभाग की ओर से बताया गया कि दो हजार पद खाली हैं। लेकिन, रिक्त पदों के विपरीत 50 फीसदी बेरोजगार भी मेले में नहीं पहुंचे। विशिष्ट सेवायोजन अधिकारी लक्ष्मी यादव ने भी माना की कहीं न कहीं कुछ कमी रही है। इसे भविष्य में दूर किया जाएगा। मेले में अपोलो होम केयर, जीफॉरएस, जेनेसिस डेयरिंग फोर्स, पर्ल्स इंटरनेशनल, 108 आपातकालीन सेवा सहित विभिन्न कंपनियां पहुंची थीं। जिला स्तरीय रोजगार मेेले में मात्र 943 बेरोजगार पहुंचे। इसमें 336 का द्वितीय एवं 247 का अंतिम चरण के लिए चयन किया गया। विशिष्ट सेवायोजन अधिकारी लक्ष्मी यादव ने कहा कि द्वितीय चरण के लिए जिन बेरोजगारों का चयन हुआ है उन्हें कंपनियों द्वारा फिर से बुलाया जाएगा।
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ब्लॉक से लेकर ग्राम स्तर तक जनप्रतिनिधियों को रोजगार मेले की जानकारी दी गई थी। समस्त ग्राम प्रधानों को इसके बारे में बताया गया। लेकिन, फिर भी पर्याप्त संख्या में बेरोजगार नहीं पहुंचे। इसकी एक वजह यह भी है कि बेरोजगारों का प्राईवेट नौकरियों के प्रति रुझान कम है। युवा सरकारी नौकरी चाहते हैं।
- लक्ष्मी यादव, विशिष्ट सेवायोजन अधिकारी