नई टिहरी। आपको रोजगार की तलाश है, तो योग के माध्यम से भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। ग्राम स्तर पर योग समूह का गठन कर महिलाएं घर बैठे ही स्वरोजगार की मुहिम में जुड़ सकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सेना और विज्ञान जगत की तरह महिलाएं योग के क्षेत्र में भी निर्णायक बन सकती है।
ये बातें अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल महाभियान के तहत नई टिहरी में संत निरंकारी मिशन में आयोजित गोष्ठी में योगाचार्यों ने कही। अपराजिता महाभियान के तहत योग के क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर और दैनिक जीवन में योग का महत्व विषय पर आयोजित गोष्ठी का पंतजलि योग पीठ के कमल सिंह महर और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक डा. जय प्रकाश डंगवाल ने शुभारंभ किया। डा. जय प्रकाश डंगवाल ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा, योगा और एक्यूप्रेशर के क्षेत्र में स्वरोजगार की बहुत अधिक संभावनाएं है। योग बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। इस मौके पर संत निरंकारी मिशन के प्रमुख सबल सिंह चौहान, संपत्त लाल शाह, राजीव उनियाल, मनोहर कुड़ियाल, हीरा लाल, विजयपाल नेगी, बिंदा सजवाण, शाका नेगी, शैला कठैत, विनिता सजवाण, ज्योति बेलवाल, कविता तोपवाल, नीलू विश्वकर्मा, सिमरन, पार्वती देवी, दीक्षा, गुड्डी तोपवाल, जगवृत्ति आदि उपस्थित रही।
अमर उजाला की ओर से अपराजिता महाअभियान के तहत महिलाओं को स्वावलंबी बनाए जाने का यह भगीरथ प्रयास है। योग से निरोग रहने के साथ-साथ रोजगार का जरिया भी बनाया जा सकता है। यह जानकारी उनके काम आएगी।
-ईलमा कोहली, गृहणी
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योग अहम भूमिका निभा सकता है। योग स्कूल तक ही सीमित न रहे हर स्तर पर इसका विस्तार किया जाना चाहिए। प्रशिक्षण देने के लिए सरकार को व्यवस्था बनानी चाहिए।
-ऊषा, गृहणी
महिलाओं को मजबूत करने के लिए कागज पर नहीं जमीन पर कार्य करने की जरूरत है। अपराजिता बखूबी अपने लक्ष्य में सफल साबित होगा। यदि योग को सही तरीके से सीखें तो स्वस्थ रहने के साथ-साथ मोहल्ले और गांव में योगा सिखाकर पैसे भी कमाए जा सकते हैं।
-राजेश्वरी देवी, गृहणी