ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
ब्राह्मण जब तक अपनी विशिष्ठ पहचान स्थापित नहीं रखेगा, तब तक समाज में उसका सम्मान नहीं है। ब्राह्मण एक विचार और संस्कृति है। ब्राह्मण गरीब नहीं बल्कि दयालु है। वो समाज में आज भी अपने श्रेष्ठ कर्मों का कारण पूजनीय है।
ये बातें रविवार को नगर निगम सभागार में आयोजित ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद के नौवें वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि टपकेश्वर महादेव के महाराज महंत दिगंबर भरतगिरि ने कहीं। महंत भरतगिरि ने कहा कि ब्राह्मण समाज से जुडे़ लोगों को अपने बच्चों के संस्कारों पर ध्यान देने चाहिए। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण मानसिक, सैद्धांतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक गुणों से संपन्न और सहनशील होता है। सरकारों व दलितों ने ब्राह्मण को विपन्न बना दिया है। पूर्व ले. जनरल ओपी कौशिक ने कहा कि ब्राह्मण जातियों के सहारे ही अन्य जातियां ने प्रगति की है। परिषद के संयोजक पंडित जुगल किशोर तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण से बड़ा कोई राष्ट्रवादी नहीं हो सकता। इस मौके पर बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में विधायक गणेश जोशी, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, अश्वनी मुद्गल, उमेश चंद कबड़वाल, श्याम सुंदर गोयल, आदेश शुक्ला, एसपी पाठक, देवेंद्रनाथ शुक्ला, सुभाष मिश्रा, श्यामबाबू पांडेय, डॉ. राजेश तिवारी, रमाशंकर शुक्ला, डीएन शुक्ला, सीपी शर्मा आदि मौजूद रहे।