ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शनिवार को मरीज की मौत पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे मरीज की मौत हो गई। वहीं, अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी का कहना है कि मरीज की किडनी और लंग्स काम नहीं कर रहे थे।
परिजनों के अनुसार, तिलक रोड निवासी 49 वर्षीय संदीप शर्मा को बुखार की शिकायत पर आठ जनवरी को अस्पताल लाया गया। भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को ऑक्सीजन चढ़ेगी। बीपी और शुगर भी बढ़ा हुआ है। इलाज के लिए डॉक्टरों ने प्रत्येक दिन आठ-आठ हजार रुपये के तीन इंजेक्शन मंगाए। शनिवार सुबह डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को वेंटीलेटर पर रखना होगा, इसके लिए परिजनों से हस्ताक्षर भी करवाए गए। परिजनों का कहना है कि सुबह वेंटीलेटर पर न रखकर मरीज को शाम के समय वेंटीलेटर पर रखा गया। तीमारदार विशेष शर्मा, अमरजीत सिंह, सन्नी, दीपक ने कहा कि मरीज को खांसी और बुखार की शिकायत थी। आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से उनकी मौत हो गई। मृतक संदीप शर्मा ऑटो चलाते थे।
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डॉक्टरों ने मरीज के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती। मरीज को जब अस्पताल लाया गया तो उसकी किडनी और लंग्स काम नहीं कर रहे थे। रविवार को उसे कार्डियक अटैक हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
-भूपेंद्र रतूड़ी, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल