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करों के आतंक से मुक्ति है जीएसटी

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हरिद्वार।
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योग गुरु स्वामी रामदेव ने जीएसटी लागू करने के निर्णय का स्वागत किया है। कहा है कि वास्तव में यह सैकड़ों प्रकार के करों के आतंकवाद से मुक्ति है। जीएसटी लागू होने के बाद भारतवर्ष विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो गया है। आने वाले समय में भारत उद्योग जगत में क्रांति लाएगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि लंबे समय से एक कर प्रणाली की मांग वे अपने अभियानों में करते आए हैं। कालेधन और एक कर व्यवस्था को लेकर वर्षों तक आंदोलन किए गए। दिल्ली के रामलीला मैदान में भी इसी विषय पर आंदोलन हुआ। हमारी मांग रही है कि देश में सभी प्रकार के बड़े नोट बंद कर दिए जाएं। यह सवाल भी सबसे पहले पतंजलि के मंच से उठाया गया था। नोटबंदी का असर है कि बड़े पैमाने पर काला धन वापस आया है। जीएसटी लागू होने के बाद व्यापार व्यवस्थित होगा और किसी को भी इसका नुकसान नहीं होगा। बाबा रामदेव ने कहा कि छोटे ही नहीं बड़े व्यापारी भी जीएसटी लागू होने पर लाभान्वित होंगे। आने वाले दो चार महीनों में जीएसटी के लाभ प्रत्यक्ष नजर आने लगेंगे।


जीएसटी में पंजीयन कराकर तय कर लें प्राथमिकताएं
हरिद्वार। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय महामंत्री कैलाश केसवानी ने कहा कि जो व्यापारी जीएसटी में अपना नया पंजीयन करा रहे हैं, उन्हें अपनी प्राथमिकताएं पहले ही तय करनी चाहिए। जिन छोटे व्यापारियों का साल भर का टर्नओवर 10 लाख से कम है, उनको जीएसटी में पंजीकरण की जरूरत नहीं है। व्यापारी नेता ने कहा कि वैट में यह सीमा पांच लाख थी। जीएसटी में व्यापारियों को लाभ ही मिलेगा। उनको कोई रिटर्न भरने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। बशर्ते की वे अपने ही राज्य में खरीद और बिक्री करें।
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कैलाश केसवानी ने कहा कि जिन मध्यम दर्जे के व्यापारियों के वर्ष भर के टर्नओवर 75 लाख रुपये तक है, वे यदि इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं लेना चाहते तो सिर्फ एक प्रतिशत टैक्स जमा कर चैन की नींद सो जाएं। जिन बड़े व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 75 लाख से अधिक है, उन्हें हर महीने पहले भी रिटर्न भरनी पड़ती थी और अब भी। यह रिटर्न तीन हिस्सों में भरी जाएगी। व्यापारी नेता ने कहा कि कोई भी व्यापारी जो कि किसी भी प्रकार की समाधान योजना का लाभ लेता है, वह अपने ग्राहक से कोई टैक्स नहीं वसूल सकता और न ही दिए हुए कर लाभ का लाभ ले सकता है।
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