नई टिहरी। बेटे को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर 13 वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुकी उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी रहे गंभीर सिंह कठैत की माता रामेश्वरी कठैत का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गंभीर सिंह कठैत की अपने साथी आंदोलनकारियों को सीबीआई की ओर से सजा देने दिए जाने के विरोध में 2004 में शहर में निकाले गए मशाल जुलूस से आग लगने के कारण मौत हो गई थी। तब सरकार ने उन्हें शहीद आंदोलनकारी का दर्जा देने, मूर्ति स्थापित करने, बौराड़ी स्टेडियम, पैतृक गांव धारकोट बडियारगढ़ के राजकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल का नाम आंदोलनकारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी। बावजूद घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई। इस मौके पर आकाश कृषाली, देवेंद्र नौडियाल,अनुसूया नौटियाल, महावीर उनियाल, गंगा भगत नेगी, अंकित पंवार, इंद्र दत्त डंगवाल, डा. यूएस नेगी, रंजन गिरी, दीपक चमोली, मोहनी रावत, उर्मिला कठैत, सुमति सजवाण, भगवान देई, सरोजनी देवी, सरिता कठैत, कुसुम, ममता, कृष्णा व वीरा आदि मौजूद थे।