संविदा नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत उपनल कर्मचारी शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए परेड ग्राउंड में प्रदर्शन कर धरना दिया।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि शासन के साथ संविदा पर नियुक्ति का समझौता हुआ था, लेकिन अब पूर्व में हुए समझौते पर अमल नहीं हो रहा है। संगठन की बृहस्पतिवार रात मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने संविदा पर नियुक्ति के बजाय इसमें अधिमान देने का आश्वासन दिया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
यदि ऐसा हुआ तो कई वर्ष की सेवा वाले कर्मचारी बाहर हो जाएंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक चौहान ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन आदि विभागों में कार्यरत उपनल से जुड़े 18 हजार कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए हैं। इससे दून में कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
उन्होंने कहा कि यदि उपनलकर्मियों की मांग पर शीघ्र अमल नहीं हुआ तो अन्य सेवाएं भी बाधित की जाएंगी। कर्मचारियों ने कहा कि संगठन को ऊर्जा निगम के संविदा कर्मचारियों ने भी अपना समर्थन दिया है। प्रदर्शन कर धरना देने वालों में उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी, महासचिव महेश भट्ट, उपाध्यक्ष कुशाग्र जोशी, विनोद गोदियाल, विद्यासागर धस्माना, गणेश गोस्वामी, संदीप, कुलदीप, नरेश शाह, राकेश जोशी, विद्युत संघ महामंत्री विपिन नेगी, मोहन नेगी आदि शामिल रहे।