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भूतपूर्व सैनिकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी सरकार

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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेनि) सतबीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार भूतपूर्व सैनिकों की उम्मीद पर खरी नहीं उतर पाई है। सरकार ने असली वन रैंक-वन पेंशन अब तक भी लागू नहीं की जबकि एक टाइम पेंशन में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में सरकार ने असल ओआरओपी की परिभाषा ही बदल दी है। इससे सरकार के खिलाफ पूर्व सैनिकों में रोष है।
रविवार को गोरखाली सुधार सभा गढ़ी कैंट के मानेकशॉ सभागार में मेजर जनरल सतबीर सिंह ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वन रैंक-वन पेंशन समेत कई मांगों पर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों से चर्चा की। कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों के खास मुद्दों को पूरा नहीं किया है। पूर्व सैनिकों को 60 वर्ष की आयु तक दूसरी नौकरी का वायदा भी सरकार अब तक पूरा नहीं कर पाई है। सभी ऑनरेरी रैंक को ऑनरेरी पेंशन लागू नहीं की। जबकि, वर्ष 2014 में रेवाड़ी में हुई चुनावी रैली में वन रैंक-वन पेंशन का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया। अब तो ओआरओपी की भी परिभाषा बदल दी गई है। इस अवसर पर दिल्ली से पहुंची सुदेश गोयल ने कहा कि वीर नारियों की पेंशन इतनी कम है कि वे कठिनाइयों से अपने बच्चों का भरण पोषण कर पा रही हैं। इस पेंशन में बच्चों की अच्छी शिक्षा तो एक सपना रह गया है।
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वन रैंक-वन पेंशन एवं भूतपूर्व सैनिकों की कई समस्याओं को लेकर पूर्व सैनिक जंतर-मंतर दिल्ली में लगभग 1331 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मेजर जनरल सतबीर सिंह ने चेतावनी दी यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देती है तो वे सहयोग करेंगे अन्यथा नहीं। इस दौरान गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, मेजर जनरल लालजी, कर्नल चीमा, कर्नल बीएम थापा, ब्रिगेडियर केजी बहल, कर्नल सतीश शर्मा, कैप्टन अशोक लिंबु, कैप्टन आलम सिंह भंडारी, कैप्टन नील थापा, कैप्टन बलबीर सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।
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