ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
झिटाड त्यूनी के मोती हत्याकांड की गुत्थी 18 दिन बाद भी नहीं सुलझ पाने से लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। जौनसार बावर लोक पंचायत सहित विभिन्न संगठनों का कहना है कि पुलिस की अब तक की कहानी से मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है।
जौनसार बावर लोक पंचायत के भारत चौहान ने कहा कि इस प्रकरण में लोगों के सब्र की सीमा टूटती जा रही है। यदि जल्द ही युवक का शव बरामद न हुआ तो लोग इसके विरोध में फिर से सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। कहा कि पुलिस यदि इस मामले में कुछ नहीं कर पा रही है तो इस प्रकरण की सीबीआई या फिर सीबीसीआईडी से जांच कराई जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि झिटाड़ त्यूनी निवासी युवक मोती सिंह की 16 जनवरी को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी नवाबगढ़ निवासी नदीम और अहसान को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में पता चला कि उन्होंने मोती सिंह का अपहरण कर नवाबगढ़ के एक निर्माणाधीन भवन में सिर पर ईंट से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने शव को शक्तिनहर में फेंक दिया। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर युवक के शव को बरामद करने का प्रयास किया, लेकिन 18 दिन बाद भी काबयाबी नहीं मिली है। आरोपियों को छह दिन रिमांड पर लेने के बावजूद पुलिस हत्या में प्रयुक्त ईंट और मोती सिंह के मोबाइल के अलावा कुछ बरामद नहीं कर पाई है।
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गांधी पार्क में सांकेतिक धरना आज से
उत्तराखंड अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि यदि जल्द ही पुलिस ने मोती का शव बरामद नहीं किया और जौनसार बावर क्षेत्र के लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए, तो इसके विरोध में सोमवार से गांधी पार्क में सांकेतिक धरना शुरू किया जाएगा। गांधी पार्क में धरने के दौरान ही आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।