ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
जिला उपभोक्ता फोरम ने फाइनेंस कराए गए वाहन की सभी किस्त चुकाने के बाद भी फाइनेंस कंपनी की ओर से नोड्यूज प्रमाणपत्र नहीं दिए जाने पर नोड्यूज उपलब्ध कराने व वाद खर्च के रूप में दो हजार रुपये भी अदा करने के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता विनोद कुमार निवासी ग्राम मोहम्मदपुर रुड़की ने टाटा मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड देहरादून रोड सालियर रुड़की के प्रबंधक व टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड पंजीकृत कार्यालय नानावती महालया मोदी स्ट्रीट मुंबई के प्रबंधक और कॉमर्शियल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड मोहब्बेवाला औद्योगिक क्षेत्र देहरादून के प्रबंधक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके मृतक पिता अजीत सिंह ने विपक्षी टाटा मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से 26 जून 2012 को एक लोडर वाहन खरीदा था। उन्होंने टाटा मोटर्स फाइनेंस कंपनी से 2,97,000 रुपये का फाइनेंस कराया। 47 किश्तों में जिनमें प्रत्येक किस्त में 9,900 रुपये का भुगतान करना था। शिकायतकर्ता के पिता लगातार किश्तें अदा कर रहे थे। 9 अगस्त 2014 को पिता की मृत्यु हो जाने के बाद शिकायतकर्ता भी बकाया किश्तों का भुगतान करता रहा। शिकायतकर्ता प्रत्येक माह की 2 तारीख को किश्त का भुगतान कर देता था। सभी किस्तों का भुगतान करने के बाद जब शिकायतकर्ता कंपनी के कार्यालय नो ड्यूज प्रमाणपत्र लेने गया तो 38 हजार रुपये और जमा कर नोड्यूज प्रमाण पत्र देने की बात कही। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह सभी बकाया 47 किश्तों का भुगतान समय पर करा चुका है। कोई सुनवाई न करने पर उन्होंने अपने अधिवक्ता से विपक्षीगणों को नोटिस भिजवाया और उपभोक्ता फोरम की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष कंवर सेन, सदस्य अंजना चड्ढा, विपिन कुमार ने शिकायतकर्ता की शिकायत को सही पाते हुए विपक्षी को आदेश किया कि वह शिकायतकर्ता को आदेश की तिथि के एक माह के अंदर फाइनेंस वाहन का नोड्यूज का प्रमाणपत्र जारी करें साथ ही खर्च के रूप में दो हजार रुपये का भुगतान भी करें।