ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। भाऊवाला बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने एसआईटी का गठन कर दिया है। एसपी क्राइम लोकेश्वर सिंह की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय टीम एसआईटी मामले में विवेचना की निगरानी और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करेगी। इस मामले में बृहस्पतिवार को उच्चाधिकारियों ने अब तक की विवेचना की समीक्षा की।
बता दें कि बोर्डिंग स्कूल में एक छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद से पूरे सिस्टम के कान खड़े हो गए हैं। स्कूल की मान्यता तक रद्द करने की संस्तुति तक हो चुकी है। इधर, मामले में पुलिस ने शुरूआत से ही गंभीरता दिखाई और अब आगे भी इसे मजबूती से अदालत में रखने पर जोर दिया जा रहा है। चूंकि, स्कूल में न सिर्फ छात्रा के साथ घटना हुई, बल्कि वहां के अधिकारियों ने इसे दबाने का भी प्रयास किया। ऐसे में पुलिस उनके खिलाफ प्रत्येक तथ्यों को जुटा लेना चाहती है। ऐसे में एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने एसपी क्राइम लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी में सीओ विकासनगर वीएस धौनी, इंस्पेक्टर विकासनगर महेश जोशी, एसओ सहसपुर नरेश सिंह राठौर और विवेचक महिला दारोगा शामिल किया गया है।
मामले में पुलिस ने घटना के सामने आने के 24 घंटे के भीतर छात्रा से गैंगरेप के आरोपी चार छात्रों (एक बालिग छात्र सर्वजीत गिरफ्तार) को हिरासत में ले लिया था। जबकि, घटना को दबाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में प्रबंधन के लोगों में निदेशक लता गुप्ता, प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, दीपक की पत्नी तनु और आया मंजू को गिरफ्तार किया था। प्रबंधन के पांचों लोग और एक बालिग छात्र वर्तमान में जिला कारागार सुद्धोवाला में बंद हैं। जबकि, नाबालिग इस समय बाल सुधार गृृह हरिद्वार में हैं।