पोलैंड में दिखाया देश की संस्कृति का जलवा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून के बच्चों ने पोलैंड में भंगड़ा और गढ़वाली संस्कृति का जलवा दिखाया, जिसे वहां काफी सराहा गया। संस्कृतियों के आदान-प्रदान के लिए यूक्रेन और पोलैंड में आयोजित ब्रेव किड्स एजुकेशनल कल्चर प्रोग्राम में गए नन्ही दुनिया के छह बच्चे दून लौटे हैं।
इंदर रोड स्थित नन्हीं दुनिया में मंगलवार को पोलैंड में यूनेस्को और पोलिस मिनिस्ट्री ऑफ हेरिटेज की ओर से आयोजित ब्रेव किड्स में गए छह बच्चों का भव्य स्वागत किया गया। एक महीने पहले गए ये बच्चे यूक्रेन और पोलैंड में देश की लोक संस्कृति का जलवा दिखाकर वापस लौटे हैं। नन्हीं दुुनिया की सात्विका गोयल के नेतृत्व में गए बाल कलाकार दिव्या चौहान, पूर्णिमा कश्यप, खुशी, सानिया, नैन्सी रावत, सुमित शर्मा ने बताया कि पोलैंड में भंगड़ा और गढ़वाली गीतों को बहुत सराहा गया। साथ ही हमने जार्जिया की भाषा भी सीखी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ब्रेव किड्स में 20 देशों के आए 300 बच्चों ने हिस्सा लिया। इसमें नन्ही दुुनिया के छह बच्चों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और यहां की संस्कृति ये रूबरू कराया।
नन्हीं दुनिया के मुख्य प्रवर्तक किरन उल्फत गोयल ने बताया कि पोलैंड से लौटते समय नन्हीं दुनिया के इस प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति वैकेय्या नायडू से उनके आवास पर मुलाकात की और लोक संस्कृति की प्रस्तुति दी।