ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन की लोनिवि डिप्लोमा इंजीनियर्स भवन में आयोजित प्रांतीय बैठक में राज्य गठन के 17 साल बाद भी संवर्ग का पुनर्गठन नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। कहा गया कि इससे फार्मेसिस्टों के प्रमोशन प्रभावित हो रहे हैं।
रविवार को हुई बैठक में एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार ने कहा कि लंबित मांगों पर अधिकारियों के कई बार के आश्वासन के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। इससे फार्मेसिस्टों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि संवर्ग का पुनर्गठन कर सेवा नियमावली बनाई जाए। एसोसिएशन के संरक्षक बीएस कलूड़ा ने कहा कि प्रमोशन के लिए विभिन्न पदों पर शीघ्र विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) बैठाई जाए। बैठक में फार्मेसिस्टों को मात्र दस रुपये पोस्टमार्टम भत्ता देने पर भी नाराजगी जताई गई।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के समय से फार्मेसिस्टों को यही भत्ता मिल रहा है। जबकि, स्वीपर को डेढ़ सौ और डॉक्टरों को पांच सौ रुपये पोस्टमार्टम भत्ता दिया जा रहा है। बैठक में एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री आरएस ऐरी, प्रांतीय प्रवक्ता सुनील नौटियाल, संरक्षक बीएस पयाल, संरक्षक सीएस मेहरा, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष बीपी सिंह रावत, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष जेसी पाठक, दून की जिलाध्यक्ष सुधा कुकरेती, मंत्री एनपी भट्ट सहित समस्त जनपदों के जिलाध्यक्ष एवं मंत्री शामिल रहे।