पहले दिन सुनी गईं 162 आपत्तियां
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
नगर निकायों के सीमा विस्तार को लेकर नगर निगम के टाउन हाल में बृहस्पतिवार से जिलाधिकारी ने 162 आपत्तियां सुनीं। इनमें ऋषिकेश से 72, विकासनगर और डोईवाला से 45-45 आपत्तियां पहुंचीं थी। सुनवाई के दौरान समिति के सदस्य मौजूद थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी तैनात की गई थी।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने सुबह 10 बजे से नगर पालिका विकासनगर से संबंधित आपत्तियां सुनीं। रसूलपुर से पहुंचे बलदेव ने कहा कि हरबर्टपुर से कालसी तक कृषि भूमि है। अधिकतर लोग गांव में ही रहते हैं। ऐसे में उन्हें नगर पालिका में शामिल न किया जाए। कहा कि पालिका में आने के बाद ग्रामीणों को लाभ के बजाए नुकसान ही होगा। मोहन सिंह ने कहा कि नगर पालिका में शामिल होने पर सुविधाएं तो नहीं बढ़ेंगी, लेकिन टैक्स लगना शुरू हो जाएगा। ग्राम प्रधान रसूलपुर, सुभाष चंद्र, गंगा, राधा जायसवाल, सुंदरलाल, सीमा रोहिला, पूर्व उप प्रधान दिनेश थपलियाल आदि ने रसूलपुर और बाबूगढ़ को नगर पालिका विकासनगर में शामिल न करने की आपत्ति दर्ज कराई। एसडीएम विकासनगर जितेंद्र कुमार के मुताबिक 143 के सापेक्ष केवल 45 आपत्तिकर्ता पहुंचे।
इसके बाद सुबह 11.30 से दोपहर डेढ़ बजे तक नगर पालिका ऋषिकेश से पहुंची आपत्तियां सुनी गईं। इनमें बीस बीघा, बापू नगर, अमितग्राम, मीरा नगर, गंगा नगर आदि जगहों से आपत्तिकर्ता पहुंचे। इस दौरान शिवाजी नगर से कोई भी आपत्तिकर्ता नहीं पहुंचा था। ऋषिकेश ग्रामीण की प्रधान अनीता असवाल, कमल देव, रेशमा भंडारी, मीना सकलानी, शोभा, जगदीश, सत्या कपूर, पुरुषोत्तम, पूजा राठी, शिवानी आदि ने ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पालिका में शामिल किए जाने का विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि बापू ग्राम के लोगों को वन विभाग की जमीन पर बसाया गया है। नगर पालिका में शामिल होने पर उन्हें जमीन पर मालिकाना हक दिया जाए, अगर ऐसा नहीं हो सकता तो वे पालिका में शामिल नहीं होंगे। वहीं दो बजे से नगर पालिका डोईवाला को लेकर आपत्तियां सुनी गई। जिसमें ग्राम पंचायत मारखम, जौलीग्रांट चक चौबा, लच्छीवाला, भानियावाला, कान्हरवाला संगतियावाला खुर्द, जौलीग्रांट, अठूरवाला से 54 आपत्तियां पहुंची थी। जिनमें से आपत्ति दर्ज कराने वाले 45 लोग मौके पर पहुंचे। जौलीग्रांट के प्रधान सागर मनवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, मनमोहन प्रसाद, विक्रम सिंह नेगी, शेर सिंह, पिंकी सैनी, नईमा खातून, सुरेश आदि ने ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पालिका में शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान पुलिस भी तैनात रही। इस मौके पर जिलाधिकारी के साथ ही एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एसडी डोईवाला कुश्म चौहान आदि मौजूद रहे।
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आपत्तियों की संख्या पर जताई नाराजगी
निकाय विस्तार को लेकर आपत्तियों की संख्या के सापेक्ष कम लोग ही निगम पहुंचे। विकासनगर, डोईवाला और ऋषिकेश से कुल 425 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। ऋषिकेश से 143, विकासनगर से 143 और डोईवाला से 54 आपत्तियां जिलाधिकारी कार्यालय में दर्ज कराई गई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को काफी संख्या में ग्रामीण नगर निगम पहुंचे। इस दौरान ग्राम प्रधान ऋषिकेश अनीता असवाल ने आरोप लगाया कि उनके यहां से 602 आपत्तियां दर्ज कराई गई थी लेकिन अधिकारियों के मुताबिक केवल 228 आपत्तियां ही दर्ज हुई हैं। जिनमें से केवल 72 लोग ही मौके पर पहुंचना बताया जा रहा है।
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स्थानीय स्तर पर होनी चाहिए सुनवाई
विकासनगर, डोईवाला और ऋषिकेश से पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि आपत्तियों की सुनवाई उनके क्षेत्र में ही होनी चाहिए थी। देहरादून में सुनवाई होने के चलते अधिकतर लोग मौके पर नहीं पहुंच सके। वहीं क्षेत्र में सुनवाई होने पर आपत्ति करने वाले सभी लोग पहुंच सकते हैं।
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दून नगर निगम की आपत्तियों का निस्तारण आज से
नगर निगम टाउन हॉल में शुक्रवार से नगर निगम देहरादून से संबंधित आपत्तियों की सुनवाई होगी। सुबह 10 से 11 बजे तक निगम में शामिल किए गए सहसपुर ब्लॉक के गांवों की आपत्तियों पर सुनवाई होगी। जबकि सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक ब्लॉक डोईवाला के गांवों से पहुंची आपत्तियों को जिलाधिकारी सुनेंगे।
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नगर निकायों से संबंधित आपत्तियों पर सुनवाई शुरू हो गई है। 24 मार्च तक सुनवाई के बाद आपत्तियों की रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी