ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल की तैयारियों के लिए भले ही जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी हो, मगर आयोजन के लक्ष्य की पूर्ति हो पाएगी इस पर सवाल उठ रहा है। इस साल भी 25 से 30 दिसंबर तक विंटरलाइन कार्निवाल होगा। इस आयोजन की शुरुआत ऑफ सीजन में टूरिस्ट को मसूरी खींचने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन यह महज अधिकारियों और कुछ स्थानीय लोगों के मनोरंजन का साधन बनकर रह गया है। हाल यह है कि दून और आस-पास के ही ज्यादा लोगों को इस कार्निवाल के बारे में नहीं पता, फिर देश के अन्य हिस्सों की तो बात करनी ही बेमानी है। पर्यटन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रचार-प्रसार की यही कमी इस आयोजन को उद्देश्यहीन बना देती है।
सरकारी अधिकारी जिनके अपने हितलाभ इससे जुड़े हुए हैं, वे भले ही इन तथ्यों को नकारें, मगर पिछले आयोजनों से रूबरू हुए लोग इसके गवाह हैं कि आयोजन टूरिस्टों को खींचने के मामले में पूरी तरह से निरर्थक साबित होता रहा है। पिछले साल के कार्निवाल में प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि कई कार्यक्रमों में तो दर्शकों से ज्यादा आयोजन से जुड़े लोगों की संख्या रही है। ऑफ सीजन में पर्यटकों को खींचने के मकसद से 2013 से मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल शुरू किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष देहरादून के जिलाधिकारी और साचिव एसडीएम मसूरी हैं। नगर पालिका परिषद मसूरी के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक आयोजन समिति के उपाध्यक्ष होते हैं। समिति में पर्यटन, अन्य संबंधित विभागों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि इसके सदस्य होते हैं। आयोजन का पूरा जिम्मा जिला प्रशासन पर होता है। प्रशासन, प्रायोजकों के जरिए इस आयोजन का खर्च उठाता है। इन दिनों कई प्रशासनिक अधिकारी यही खर्च जुटाने के लिए रात-दिन एक किए हुए हैं। मातहतों से मिलिए, कुछ झुंझलाए हुए से तो कुछ खिसियाए हुए से, छेड़ दीजिए तो एक सांस में वरिष्ठों और विंटर कार्निवाल को न जाने क्या-क्या कह डालते हैं। बस यहीं से इस आयोजन का उद्देश्य पराजित होने लगता है। जाहिर है, जब सब बे-मन से और खानापूर्ति के लिए हो रहा है तो नतीजा क्या होगा?
हालांकि, प्रचार-प्रसार के सवाल पर डीएम देहरादून, एसए मुरुगेशन (आयोजन समिति के अध्यक्ष) दावा करते हैं कि पर्यटन विभाग, होटल एसोसिएशन और सोशल मीडिया के माध्यम से कार्निवाल का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कार्निवाल का मकसद पर्यटकों को मसूरी तक खींचने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। इससे उत्तराखंड की लोक संस्कृति को भी बढ़ावा देना है। सफल आयोजन बगैर लोगों के सहयोग के संभव नहीं है।
कार्निवाल में आयोजन
25 दिसंबर : सर्वे ग्राउंड लंढौर से दोपहर एक बजे शोभा यात्रा शुरू होकर चार बजे लाइब्रेरी चौक पर समापन। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कार्निवाल का उद्घाटन करेंगे।
26 से 30 दिसंबर : अभिनेता टॉम आल्टर की स्मृति में 21 किमी हाफ मैराथन, पर्यटकों के लिए नेचर वॉक, बार्ड वाचिंग, स्केटिंग, जूडो-कराटे, बच्चों के लिए गेम्स, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, 200 साल पुराने इतिहास की फोटो प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक का आयोजन।
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रात्रि में होंगे ये कार्यक्रम
पद्मश्री बसंती बिष्ट की जागर की प्रस्तुति, लोक नाटक वीरभड़ माधो सिंह भंडारी का मंचन, उत्तराखंडी रामछौल नाइट, कव्वाली नाइट और मैजिक शो आयोजन होगा। कवि अशोक चक्रधर का कवि सम्मेलन और हंसराज हंस की स्टार नाइट आयोजित होगी। वीआईपी सिंह का हास्य एवं व्यंग्य कार्यक्रम होगा। प्रीतम भरतवाण जागर एवं लोक संस्कृति की प्रस्तुति देंगे।
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फूड फेस्टिवल
28 से 30 दिसंबर तक फूड फेस्टिवल होगा। इसमें पहाड़ी व्यंजन के स्टाल्स लगाए जाएंगे। 29 दिसंबर को खाना-खजाना के चर्चित शेफ संजीव कपूर इसमें प्रतिभाग करेंगे।