सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि समितियों में घोटाला करने और घाटे में पहुंचाने वाले अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से सहकारिता को आमजन से जोड़ने का आह्वान किया।
रविवार को खेड़ी शिकोहपुर गांव में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सहकारिता मंत्री ने कहा कि समितियों से किसान एवं आम लोगों का विकास करना उनकी प्राथमिकता में है, लेकिन कुछ अधिकारी अब भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं ला रहे हैं। ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले की भी सात समितियां भारी घाटे में चल रही हैं। इन्हें उभारने के लिए अधिकारी हरसंभव प्रयास करें। धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता से आम जनता से जोड़कर सबका विकास होगा। इसके लिए समितियों को बहुउद्देशीय बनाया गया, ताकि उनमें सभी प्रकार के काम हो सकें। उन्होंने कहा कि आमजन का सहकारिता से विकास करने के लिए नौ संघ बनाए गए हैं। इनसे अलग-अलग क्षेत्रों में डेवलपमेंट के कार्य किए जाएंगे। पतंजलि के उत्पाद समितियों में बेचे जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सलाहकार नरेंद्र सिंह पुंडीर, जिलाध्यक्ष डा. कल्पना सैनी, डीसीबी चेयरमैन सुशील चौधरी, सहायक निबंधक सुभाषचंद्र गहतौड़ी, मंडलाध्यक्ष विरेंद्र सैनी, जिला पंचायत सदस्य अमन त्यागी, एमडी सुरेशचंद, महावीर चेयरमैन, निदेशक देवेंद्र अग्रवाल, राव शफाक, सुबोध राकेश, इलमचंद, रूप चौधरी, लियाकत अली, शम्मी अहमद, राव ऐजाज आदि मौजूद रहे।