देहरादून। वन महकमा भी हरिद्वार कुंभ के दृष्टिगत तैयारी कर रहा है। हाथियों के झुंड के आबादी वाले इलाके में पहुंचने से रोकने के लिए हाथियों के झुंड का नेतृत्व करने वाले हाथी की पहचान की जा रही है, जिनको रेडियो कॉलर पहनाया जाएगा। फिर इसके माध्यम से भी हाथियों के मूवमेंट का पता लगाया जाएगा।
हरिद्वार वन प्रभाग में हाथियों के आबादी वाले इलाके में पहुंचने और नुकसान की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आने वाले समय में कुंभ है, ऐसे में वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हरिद्वार रेंज में खाई खोदा जाना है, साथ ही सोलर फेंसिंग लगाई जानी है। इसके साथ ही हाथियों को रेडियो कॉलर भी लगाया जाना है।
प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध बताते हैं कि 16 से 17 हाथी हैं, जो आबादी वाले क्षेत्रों में मूवमेंट करते हैं। अब इनके झुंड का नेतृत्व करने वाले हाथी की पहचान करने का काम किया जा रहा है, इसमें कुछ की पहचान कर भी ली गई है। इसके बाद चिह्नित छह हाथियों को रेडियो कॉलर पहनाया जाएगा। इसमें डब्लूडब्लूएफ सहयोग करेगा। यह काम दिसंबर से पहले पूरा किया जाना है। रेडियो कॉलर के माध्यम से हाथियों के झुंड के मूवमेंट की जानकारी रखी जाएगी। हाथी के आबादी वाले इलाके में पहुंचने की स्थिति का पता चलते ही टीम को अलर्ट किया जा सकेगा।
75 हाथी मित्र भी तैनात होंगे
देहरादून। वन महकमा हाथी मित्र भी तैनात करेगा। यह हाथी मित्र मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने में मदद करेंगे। वन महकमे के अनुसार 75 हाथी मित्र को तैनात करने की योजना है।