वेबसाइट और मोबाइल एप बनाने के नाम पर एक कंपनी संचालक से 1.66 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर ओडिसा की एक कंपनी के निदेशकों के खिलाफ डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार हिंद प्रताप सिंह निवासी सर्कुलर रोड हिंदवी टेकइंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी चलाते हैं। पिछले दिनों उन्होंने अपनी कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल एप बनाने के लिए ओडिसा की सर्चिंगयार्ड सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड से ऑनलाइन संपर्क किया। उनका संपर्क कंपनी के निदेशक आशुतोष महापात्रा और इतिश्री साहू से हुआ।
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
गत जनवरी में उन्होंने अपनी मांग भेजी तो कंपनी की तरफ से व्हाट्सएप पर ही संभावित बिल 85 हजार रुपये का भेज दिया। उन्हें बताया गया कि उनकी वेबसाइट व मोबाइल एप बनाने का काम चल रहा है। इसके लिए उन्होंने कंपनी के खाते में 26900 रुपये का आंशिक भुगतान कर दिया।
इसी बीच उन्हें एक और मोबाइल एप की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने ओडिसा की इस कंपनी से फिर संपर्क किया। इसका भी उन्हें 30 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। हिंद प्रताप सिंह ने इस बिल के भी एडवांस के रूप में 10 हजार रुपये भेज दिए। गत फरवरी में उन्हें सर्चिंगयार्ड सॉफ्टवेयर की ओर से कॉल आई कि उनका काम पूरा हो चुका है और बाकी भुगतान करने को कहा।
अब जो कुल बिल उन्हें भेजा गया वह पहले बताई गई राशि से कम था। उन्होंने पहले जमा की गई राशि समेत कुल 1.66 लाख रुपये ओडिसा की कंपनी को भेज दिए। लेकिन, कंपनी ने उन्हें न तो वेबसाइट उपलब्ध कराई और न ही मोबाइल एप। अब पैसा लौटाने से भी इन्कार कर दिया है। इंस्पेक्टर डालनवाला मनोज मैनवाल ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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महिला प्रोफेसर से 3.05 लाख रुपये की साइबर ठगी
साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक महिला प्रोफेसर से 3.05 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर वसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला एक निजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ लोगों ने उनसे शेयर मार्केट में निवेश कराने का झांसा दिया था। उन्होंने कई बार में उनसे यह रकम अपने खातों में जमा कराई है। बावजूद इसके उन्हें न तो कोई लाभ हुआ और न ही उनकी रकम लौटाई गई। एसओ वसंत विहार प्रदीप रावत ने बताया कि मामले में साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।