अब ऋषिकेश को धूम्रपान मुक्त घोषित करने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मसूरी के बाद अब तीर्थनगरी ऋषिकेश को धूम्रपान मुक्त घोषित करने की तैयारी है। इसके साथ ही जिले के 183 शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह तंबाकू मुक्त किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अफसरों की संयुक्त अभियान भी चलाएगी। इसके अलावा शहर से लेकर देहात तक संचालित हुक्का बार संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल की अध्यक्षता में हुई जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की बैठक में लिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहमति बनी कि मसूरी के बाद अब ऋषिकेश के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों को भी ध्रूमपान मुक्त घोषित किया जाए। बैठक में तंबाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 को कड़ाई से लागू किए जाने की सहमति बनी। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि ‘जागो और जगाओ, देश से तंबाकू भगाओ, तंबाकू से युवा बचेगा तो देश बचेगा’ जैसे स्लोगन का व्यापक प्रचार किया जाए। बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि देश में प्रतिवर्ष 10 लाख लोगों की मौत की वजह धूम्रपान है। बताया गया कि ‘कोटपा अधिनियम’ के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना वर्जित है। विद्यालयों के 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पादों को बेचना गैरकानूनी है। इन कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
विभागीय अधिकारियों ने बैठक में बताया कि धूम्रपान की धाराओें का उल्लंघन करने पर 1300 से अधिक व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई कर 90,000 का जुर्माना वसूला गया। जिला स्तरीय समन्वय समिति ने बैठक में तंबाकू से होने वाली बीमारियों के बारे में भी बताया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अरविंद पांडेय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रमेंद्र डोभाल, उपायुक्त राज्य कर अवनीश पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनके त्यागी, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की समन्वयक अर्चना समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।