ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
भुगतान नहीं मिलने पर तेल कंपनियों ने 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी को डीजल देने से इनकार कर दिया है। इसके चलते मंगलवार को राज्य की 139 में 79 एंबुलेंस खड़ी रहीं। इससे पहाड़ से लेकर मैदान तक एंबुलेंस सेवा लड़खड़ा गई। एंबुलेंस का संचालन ठप होने से मरीज और उनके तीमारदारों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। ऐसे में गंभीर मरीजोें को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को टैक्सी का सहारा लेना पड़ा।
नाम न छापने की शर्त पर 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी जीवीके-ईएमआरआई के एक अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बकाया भुगतान नहीं किया गया है। इससे एंबुलेंस को डीजल देने वाली कंपनियों का भुगतान अटका गया है। ऐसे में तेल कंपनियों ने डीजल देने से इनकार कर दिया है। तेल कंपनियों के इस निर्णय के चलते मंगलवार को राज्य में संचालित 139 एंबुलेंस में 79 का संचालन ठप करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग पर छह करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। तमाम प्रयासोें के बाद स्वास्थ्य विभाग ने महज 68 लाख रुपये का भुगतान किया है। इस भुगतान में से कर्मचारियों को वेतन देने के साथ ही तेल कंपनियों को भी कुुछ भुगतान किया गया है, लेकिन तेल कंपनियां पूरा भुगतान मांग रही हैं। कंपनी अधिकारी ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने के लिए प्रतिमाह ढाई करोड़ रुपये की जरूरत होती है। ऐसे में भुगतान अटकने से एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने वेतन भुगतान नहीं होने से संचालन ठप कर दिया था।
वहीं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत का कहना है कि कंपनी को जो भुगतान किया गया वह तेल वेंडरों को देने के बजाए उन्हें सिर्फ 10 लाख का भुगतान किया तो यह कंपनी की जिम्मेदारी है। हालांकि 3.72 करोड़ के प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से बजट जारी होने पर कंपनी को मुहैया कराया जाएगा। कंपनी अधिकारियाें को बुधवार को निदेशालय में तलब किया गया है। उनके साथ बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।