ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य विद्युत नियामक आयोग की अनुमति और बजट के बावजूद पिटकुल कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करना तो दूर शुरूआत भी नहीं कर सका है। यह बात मंगलवार को योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन सुभाष कुमार के समक्ष आई।
आयोग की ओर से पिटकुल को 1085.98 करोड़ की परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमें से पिटकुल महज 234.27 करोड़ ही खर्च कर पाया है जो स्वीकृत बजट का महज 21 फीसदी है। समीक्षा के दौरान हरिद्वार के पदारथा में 132 केवी उपकेंद्र के निर्माण के लिए स्वीकृत बजट 60.31 करोड़ के परिपेक्ष्य में महज 7.73 करोड़ खर्च करने की बात सामने आई। इसके अलावा देहरादून के आराघर में 132 केवी उपकेंद्र के निर्माण के लिए स्वीकृत 87.43 करोड़ में कुछ भी खर्च नहीं किया जा सका है। जवाब तलब करने पर प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने यह तर्क देकर बचाव किया कि आईआईपी हर्रावाला स्टेशन बन जाने से अब इस स्टेशन की उपयोगिता थोड़ी कम है। ऐसे में इसका निर्माण बाद में कराया जाएगा। इसी प्रकार 132 केवी लोहा घाट उपकेंद्र के लिए 67.41 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया इसमें भी अधिकारी फूटी कौड़ी नहीं खर्च कर पाए हैं। योजना को मार्च 2020 में पूरा किया जाना है। कमोवेश यही स्थिति 220 केवी घनसाली उपकें द्र के संबंध में है। परियोजना के लिए 124.80 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है, लेकिन परियोजना पर काम शुरू नहीं हो सका है। परियोजनाओं में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुुए चेयरमैन सुभाष कुमार ने अफसराें को काम में तेजी लाने की सख्त हिदायत दी है। प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने परियोजनाओं को समय रहते पूरा करने का आश्वासन दिया है।