ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शून्य रिजल्ट देने वाले अशासकीय विद्यालयों की मान्यता भी समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा ऐसे स्कूलों को अनुदान देने पर रोक और विद्यालयों के 55 वर्ष से अधिक के प्रधानाचार्यों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जा सकती है।
बोर्ड परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने खराब प्रदर्शन वाले विद्यालयों व शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने कहा कि खराब रिजल्ट पर वेतन रोकने, अनिवार्य स्थानांतरण और निलंबन की कार्रवाई होगी। वहीं, अब एनसीसी शिक्षकों का स्थानांतरण केवल उन्हीं विद्यालयों में किया जाएगा, जहां एनसीसी है। इस बाबत विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इन शिक्षकों के लिए तबादला एक्ट में छूट का प्रावधान भी किया जा सकता है।