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जिला योजना समिति की बैठक में 54.71 करोडृ के परिव्यय को मंजूरी

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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जिले में विभिन्न विभागों की ओर से 56.71 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। शुक्रवार को मंथन सभागार में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में परिव्यय को मंजूरी दी गई। इस दौरान कई विभागों के बजट में कटौती की गई, तो कई विभागों का बजट बढ़ाया गया। अगली बैठक में विभागों को बजट आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा जिले के कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने की। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेते हुए योजनाएं बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। सदस्यों ने सदन में चालू योजनाओं को पूरा करने के लिए धनराशि का अधिक आवंटन तथा बैक लॉग योजनाओं को पूरा करते हुए आगामी योजनाओं के लिए भी धनराशि बढ़ाने की बात कही। शासन स्तर से योजनाओं के लिए बजट जारी किए जाने की भी मांग की। बैठक में सांसद टिहरी माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, विधायक रायपुर उमेश शर्मा ‘काऊ’ , धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, ब्लाक प्रमुख कालसी अर्जुन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बलवंत सिंह परमार, जिला योजना समिति के तमाम सदस्य एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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विधायक चमोली ने अभियंता को लगाई फटकार
अधिशासी अभियंता को हटाने को मंत्री और विधायक में नोकझोंक
विधायक ने अभियंता पर लगाया उनकी अनदेखी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। जिला योजना समिति की बैठक में विधायक विनोद चमोली ने उनकी अनदेखी करने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान अभियंता को हटाने के लिए विधायक की शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से तीखी नोकझोंक भी हुई। मंत्री के कार्रवाई का आश्वासन देने पर विधायक शांत हुए।
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बैठक में विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक समस्या के समाधान के लिए अधिशासी अभियंता को तीन बार फोन किया, लेकिन अभियंता ने न तो समस्या का समाधान किया और न ही उनके पास समस्या के बारे में पूछने आए। अफसर के अनदेखी करने पर आगबबूला विधायक को मंत्री ने समझाबुझाकर शांत किया और अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की बात पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए। ऐसा न होने पर उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी। बाद में पत्रकारों से वार्ता कर मंत्री ने अफसरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बातों की अनदेखी करना कतई उचित नही है। ऐसा करने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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