ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
मदरसा शिक्षा परिषद बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सबसे अहम मुद्दा बोर्ड के ढांचे और समकक्षता का रहा। इसके अलावा मानक पूरे करने वाले मदरसों को अनुदान सूची में शामिल करने के लिए कहा गया। बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया है कि नौ से लेकर 11 जनवरी तक आयोजित हुई परीक्षा समिति, परीक्षाफ ल समिति, पाठ्यक्रम समिति, पाठ्यचर्या समिति व मान्यता समिति की सिंफारिशों को बोर्ड की अनुमति के बिना लागू नहीं किया जाएगा।
पाठ्यक्रम समिति की ओर से संस्कृति पढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके अलावा शासन स्तर पर लंबित चल रहे समकक्षता के मामले में पैरवी करने के लिए निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण व डिप्टी रजिस्ट्रार को अधिकृत किया गया है। बोर्ड सदस्य पुष्पा जोशी के प्रस्ताव पर मदरसों में एनसीआरटी की किताबें पढ़ाए जाने को भी बोर्ड ने अनुमति प्रदान की है। इसके अलावा उपाध्यक्ष आरए खान के प्रस्ताव पर मानक पूरे करने वाले मदरसों को अनुदान सूची में कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में अगली प्रक्रिया के लिए निदेशक व डिप्टी रजिस्ट्रार को अधिकृत किया गया है। बोर्ड ने डिप्टी रजिस्ट्रार को उनके मूल विभाग में भेजने का भी प्रस्ताव पास किया है। इसके अलावा बोर्ड का ढांचा और नियमावली का मामला भी शासन में लंबित है। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद की बोर्ड बैठक कार्यवाहक अध्यक्ष मौलाना जाहिद रजा रिजवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उपाध्यक्ष आरए खान, उपाध्यक्ष गुलजार अहमद, सदस्य डॉ. इकबाल सिद्दीकी, मौलाना आरिफ, शकील अनवर, पुष्पा जोशी आदि ने शिरकत की।