फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच प्राथमिक स्कूलों पर लटके ताले

विज्ञापन
विज्ञापन
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक में प्राथमिक शिक्षा का बुरा हाल है। सरकार बेसिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर करोड़ों खर्च कर रही है। बावजूद स्कूलों में छात्रों की संख्या घट रही है। अधिकतर स्कूल अध्यापक विहीन हो रहे हैं, जिससे प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। दो वर्ष में ब्लॉक के पांच स्कूलों पर ताले लटक कर भवन खंडर हो चुके हैं और अब 32 और स्कूल बंद होने की कगार पर हैं।
विज्ञापन

भिलंगना ब्लॉक में 186 ग्राम पंचायतों में गांवों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार ने 253 विद्यालय खोले थे, लेकिन स्कूलों में अध्यापकों की कमी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होने के कारण सरकारी स्कूलों में प्रत्येक वर्ष छात्रों की संख्या घटती जा रही है। 10 से कम छात्र संख्या वाले 32 विद्यालयों पर तालाबंदी की तलवार लटक रही है, जबकि दो स्कूल शिक्षक विहीन हैं। वर्तमान शिक्षा सत्र में 248 स्कूलों में 7122 छात्र-छात्राएं हैं, जिसके सापेक्ष 504 शिक्षक ही तैनात किए गए हैं। जबकि 43 अध्यापकों के पद रिक्त हैं, जिससे प्राथमिक शिक्षा ढर्रे पर नहीं उतर पा रही है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को आधुनिक युग की गुणवत्ता परक शिक्षा न मिलने और अध्यापकों की कमी के कारण मोह भंग होता जा रहा है, जिससे स्कूलों में लगातार छात्र संख्या घटती जा रही है। सुमार्थ और कैलबागी स्कूल भी शिक्षक विहीन हैं।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी पहले से है। अब प्रमोशन होने से और अधिक हो गई है, जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को समय-समय पर दी जाती है। दस से कम छात्र संख्या वाले 32 और बंद हुए पांच स्कूलों की सूची भेजी गई है। ब्लॉक में शिक्षकों की नियुक्ति होने एकल शिक्षक और अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों प्राथमिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- भुवनेश्वर प्रसाद, एबीओ भिलंगना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें