श्रीनगर। बहुप्रतिक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग के लिए तेजी से मृदा परीक्षण का काम चल रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अनुसार पूरे रूट का जियोलॉजिकल हिसाब से मृदा परीक्षण किया जाएगा। इसमें मिट्टी, पत्थर और जमीन की प्रकृति देखी जाएगी। लगभग डेढ़ साल का समय काम पूरा होने में लगेगा।
वर्ष 2011 से आरवीएनएल इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है। अभी तक भूगर्भीय तकनीकी परीक्षण (जीटीआई), एलाइनमेंट व टोपोग्राफिक सर्वेक्षण हो चुके हैं। एसआईए (सामाजिक समाघात आकलन) के बाद भूमि अधिग्रहण, आरएंडआर (पुनर्विस्थापन एवं पुनर्वास) संबंधित कार्रवाई भी अलग-अलग स्तरों पर चल रही है। इसी क्रम में अभी मृदा परीक्षण किया जा रहा है। आरवीएनएल की ओर से जिस एजेंसी को इसका काम दिया गया है, वह प्रथम चरण में उन स्थानों में परीक्षण कर रही है, जहां सुरंग के अंदर और बाहर रेल लाइन गुजरेगी। श्रीनगर के समीप रानीहाट के बाद श्रीनगर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के मैदान में परीक्षण के लिए खुदाई का कार्य चल रहा है। इस स्थान से रेल लाइन सुरंग के अंदर से गुजरेगी। आरवीएनएल के डीजीएम ओपी मालगुड़ी ने बताया कि पूरे रेल मार्ग का जगह-जगह पर पर मृदा परीक्षण किया जाएगा। कई ऐसे स्थान हैं, जहां मशीन ले जाकर बोर करना बहुत मुश्किल है। इसलिए इसमें वक्त लग रहा है।