आदिबदरी। तहसील गठन के तीन साल बाद आयोजित पहली तहसील दिवस में लोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, पेंशन आदि से जुड़ी समस्याएं उठाईं। इनमें से करीब 24 से अधिक समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया। अन्य समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित दिए।
जीआईसी में आयोजित तहसील दिवस में डीएम आशीष जोशी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसमस्याओं को प्रमुखता के आधार पर हल की जाएं। इस मौके पर खेत के प्रधान दीपक मलगुड़ी ने प्राथमिक स्कूल भवन के पुनर्निर्माण और जीआईसी कांसुवा में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की। चैता देवी, रामेश्वरी देवी, भवान सिंह आदि ने वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत की। इस पर डीएम ने एक सप्ताह में सभी पेंशनधारकों को पेंशन भुगतान के निर्देश दिए। खाल के सरपंच पूरन सिंह रावत ने एनएच की ओर से चौड़ीकरण के दौरान मलबा गिराने से पेड़ों को नुकसान होने, ग्रामीणों ने खेती-बेड़ी-सिराणा मार्ग निर्माण की देरी पर शिकायत की। तहसील मुख्यालय पर सीएचसी शुरू करने की मांग ग्रामीणों ने तहसील दिवस में उठाई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। ढमकर के ग्रामीण मोहन सिंह रावत की गांव में मनरेगा भुगतान में हो रही धांधली की शिकायत पर डीएम ने बीडीओ को गांव में जाकर जांच करने और रिपोर्ट शनिवार तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर गैरसैंण की ब्लाक प्रमुख सुमति बिष्ट, डीएफओ नीतू लक्ष्मी एम, सीडीओ विनोद गोस्वामी, एसडीएम स्मृता परमार, डीडीओ आनंद सिंह, सीईओ एलएम चमोला, समाज कल्याण अधिकारी सुरेंद्र लाल सहित स्वास्थ्य, बिजली आदि विभागों के जिलास्तरीय एवं तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
थराली में न फरियादी, न अधिकारी
थराली। यहां होने वाले तहसील दिवस में न फरियादी पहुंचे और न अधिकारी। तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि तहसील दिवस के आयोजन के लिए अधिकारियों को सूचना दे दी गई थी। इसके बाद भी कोई नहीं पहुंचा।