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सेंट मैरी में शिक्षकों का विवाद गहराया

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ज्वालापुर के सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों को निकालने का विवाद फिर से गहरा गया। स्कूल के 30 से ज्यादा शिक्षक और शिक्षिकाएं निकाले गए शिक्षकों के समर्थन में आ गए। शिक्षकों को बहाल करने की मांग को लेकर शिक्षक- शिक्षिकाओं ने कार्य बहिष्कार किया। कुछ अभिभावकों ने भी हंगामा किया। शांति व्यवस्था के लिए स्कूल में पुलिस बल तैनात रहा।
सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों ने मई माह में सातवें वेतन आयोग का लाभ देने सहित कई अन्य मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया था। प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सात शिक्षकों को निकाल दिया। इसे लेकर बाकी शिक्षकों ने तब भी हंगामा किया था। सोमवार को फिर स्कूल खुलने पर विवाद शुरू हो गया। स्कूल के 30 से अधिक शिक्षक- शिक्षिकाएं कक्षाओं के बजाय दफ्तर में धरना देकर बैठ गए। सूचना पर कुछ अभिभावक भी स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताई। शिक्षकों और अभिभावकों ने निकाले गए शिक्षक केस्पर कुट्टी, केएम जोसेफ, इमैनुल जोसेफ, जार्ज मैथ्यू, संजय गुप्ता, मनीष छाबड़ा और अनु अरोड़ा को बहाल करने की मांग की।
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उनका कहना था कि प्रबंधन ने सातवें वेतन आयोग का लाभ शिक्षकों को दे दिया, मगर बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए सात शिक्षकों को निकाल दिया। स्कूल में हंगामे की सूचना पर ज्वालापुर कोतवाली से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शांति व्यवस्था के लिए स्कूल में ही डेरा डाल लिया। इस बीच प्रबंधन अपने मेरठ स्थित मुख्यालय के अधिकारियों से वार्ता करने में जुटा रहा।
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स्कूल में विवाद से अभिभावक चिंतित
स्कूल में शिक्षकों को निकालने और बहाल करने को लेकर चले आ रहे विवाद से अभिभावक चिंता में है। उनका कहना है कि स्कूल में विवाद, धरना, प्रदर्शन और हंगामा होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन को बच्चों के हित ध्यान में रखते हुए सही फैसला लेना चाहिए। वहीं स्कूल में कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के बच्चे भी पढ़ते हैं। जिससे मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ने लगा है।
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