उत्तराखंड के विकास में पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थान है। पर्यटन में वृद्धि से प्रदेश को आर्थिक गति मिलेगी। सरकार की ओर से उन्हें पर्यटन को लेकर प्रत्यावेदन दिए गए हैं, आयोग उन पर विचार कर सकारात्मक रुख अपनाने का प्रयास करेगा। यह बात बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बेहतर करने के लिए कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्राक्चर को और मजबूत करना होगा। ताकि देश-विदेश के पर्यटक भी आकर्षित हो सकें। उन्होंने पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि सरोवर नगरी में आने से पहले उन्हें गंगोत्री जाने का मौका मिला।
इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नैनीताल आकर टीम के सदस्यों को प्रसन्नता हुई है। बताया कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से कई प्रस्ताव मिले हैं। उत्तराखंड की चुनौतियों की झलक पर्यटन में दिखाई देती है। आयोग का विचार है कि नैनीताल की विजिट पर्यटन की दिशा में सकारात्मक कदम है।
केंद्र सरकार की 15वें वित्त आयोग की टीम बुधवार को भीमताल ब्लॉक के पांडेछोर अलचौना गांव पहुंची। वित्त आयोग की टीम के सदस्य अरविंद मेहता ने कहा कि पहाड़ में जैविक खेती से किसान अपनी आय दोगनी कर सकते हैं। हिमाचल की कृषि को देख अन्य राज्य उनसे बहुत कुछ सीख रहे हैं। टीम के सदस्य रमेश चंद्र ने कहा कि देवभूमि को बहुत जल्द मॉडल प्रदेश बनाने के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। पहाड़ में किसानों के लिए मंडी खोलने और जंगली जानवरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए वह गंभीरता से काम करेंगे।
इससे पहले टीम के मुख्य सदस्य अरविंद मेहता और रमेश चंद्र का विधायक राम सिंह कैड़ा और ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान ल्वाड़-डोबा से आई छोलियारों की टीम ने नृत्य भी प्रस्तुत किया। वित्त आयोग के सदस्य अरविंद मेहता और रमेश चंद्र ने कार्यक्रम में लगे पशुपालन, कृषि विभाग, चाय बागान, लालकुआं दुग्ध उत्पादन, खादी उद्योग उत्पादन, रेशम विभाग, हस्तशिल्प उद्योगों, जैविक उत्पादन को देखा। टीम ने विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेकर किसानों की बेहतर योजनाओं को देने को कहा।
किसानों ने उठाईं समस्याएं
वित्त आयोग की टीम के सम्मुख विधायक राम सिंह कैड़ा ने मंडी नहीं होने से किसानों की सब्जियों के सड़ने, पहाड़ों में उद्योग न होने से पलायन होने, झीलों के सौंदर्यीकरण, सड़कों के निर्माण कार्यों को हल करने की मांग की। ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट ने 14वें वित्त की राशि बंद करने पर नाराजगी व्यक्त की। प्रगतिशील किसान आनंद मणि भट्ट ने कहा कि किसान जंगली जानवरों से फसलों के नष्ट होने पर परेशान हैं। गांवों में आज तक सड़क नहीं बन पाई है।