ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। शहर के नालों की सफाई का काम अब तक भी पूरा नहीं हो पाया है। अब बरसात सिर पर आई तो प्रशासन को इनकी याद आई है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने संबंधित विभागों को 10 दिन के भीतर इन नालों की सफाई और अधूरे निर्माण कार्य पूरे करने के आदेश जारी किए हैं। अब सवाल यह है कि इन नालों में बरसात का पानी चलेगा या फिर प्रशासन की जेसीबी?
शहरवासियों की मुश्किलें इस बरसात में भी कम होती नजर नहीं आ रही है। जिन मोहल्लों में बरसात का पानी घुस रहा था वह रास्ते अब तक भी खुले पड़े हैं। दुर्गंध से परेशान इलाकों को इस बार भी मुंह पर कपड़ा बांधकर चलना पड़ेगा। दरअसल, 30 जून को जिलाधिकारी ने शहर के कई बड़े नालों और नदियों का निरीक्षण किया था। यहां उन्होंने अधूरे और सुस्त काम को देखकर अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, काम इतना सुस्त था कि अब बीच बरसात में जिलाधिकारी को इनके लिए समयसीमा निर्धारित करनी पड़ी।
ये हैं नाले और जिम्मेदार विभाग
1. प्रभात सिनेमा नाला मुख्य नाला कृष्णा पैलेस चकराता रोड : लोनिवि, नगर निगम
2. तेल भवन से किशननगर चौक तक नाला सफाई : नगर निगम
3. गोविंद गढ़ से बिंदाल पुल तक नालों की सफाई : नगर निगम
4. अनुराग चौक के पीछे नाले का निर्माण व सफाई : अमृत योजना नगर निगम
5. हिल व्यू कॉलोनी इंदिरा नगर नाला सफाई, निर्माण : नगर निगम
6. एस्लेहॉल नाला निर्माण व सफाई : लोनिवि प्रांतीय खंड
7. दून चौक नाला निर्माण व सफाई : लोनिवि प्रांतीय खंड
8. कारगी ट्रांसफार्मर स्टेशन के चारों ओर टिन शेड निर्माण : नगर निगम
9. नालों से निकलने वाली सिल्ट कूड़ा आदि का निस्तारण : नगर निगम
रिस्पना-बिंदाल की सफाई तत्काल करने के आदेश
जिलाधिकारी ने रिस्पना और बिंदाल नदी की सफाई तत्काल प्रभाव से करने के आदेश जारी किए हैं। बता दें कि पिछले दिनों नदी-नालों से रीवर बेड मेटीरियल निकालने के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने इन नदियों में काम करने से इनकार कर दिया था। ऐसे में जिलाधिकारी ने अब सिंचाई विभाग को इन नदियों की सफाई कराने के आदेश दिए हैं।
तीन दिन में गिरासू भवनों पर कार्रवाई के आदेश
प्रशासन ने शहर में गिरासू भवनों की सूची नगर निगम से मांगी थी। इसके साथ ही न्यायालयों में चल रहे मामलों की भी जानकारी जिलाधिकारी ने नगर निगम से मांगी थी। इसी क्रम में अब जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त नगर निगम को शहर के सभी गिरासू भवनों के संबंध में कार्रवाई करते हुए आख्या तीन दिन के भीतर मांगी है। ताकि, यहां लोगों को संभावित खतरों से बचाया जा सके।