ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर दिया है। जिन कॉलेजों में मशीन खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने को कहा गया है।
प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में करीब तीन साल पहले बायोमीट्रिक उपस्थिति शुरू हुई थी। बाद में यह कई कॉलेजों में महज औपचारिकता बनकर रह गईं। अब उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी की बायोमीट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य तौर पर लागू करने के आदेश दिए हैं। इसी के तहत उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एससी पंत ने पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि न केवल शिक्षक और कर्मचारी बल्कि प्रिंसिपल को भी प्रतिदिन बायोमीट्रिक हाजिरी लगानी अनिवार्य होगी। हर महीने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही वेतन जारी किया जाएगा। बायोमीट्रिक हाजिरी न लगाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
12 अशासकीय महाविद्यालयों में पदोन्नति कोटा बढ़ा
प्रदेश के 12 अशासकीय महाविद्यालयों में सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का तृतीय श्रेणी में पदोन्नति का कोटा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत कर दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक ने बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की, केएलडीएवी रुड़की, चमनलाल महाविद्यालय रुड़की, एसडीपीसी कॉलेज रुड़की, बालगंगा महाविद्यालय टिहरी, डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून, एसजीआरआर पीजी कॉलेज देहरादून, एमकेपी पीजी कॉलेज देहरादून, डीडब्ल्यूटी कॉलेज देहरादून, एमपीजी कॉलेज मसूरी, चंद्रावती तिवारी कन्या महाविद्यालय काशीपुर और चिन्मय डिग्री कॉलेज हरिद्वार के प्राचार्यों से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी मांगी है।