ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कोरोनेशन अस्पताल से गायब हुए 900 इंजेक्शनों का रहस्य अब तक अनसुलझा है। इस मामले में अस्पताल की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट तत्कालीन सीएमएस को सौंपी थी। जांच में धांधली की बात सामने आई थी। बावजूद इसके अब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा सेंट्रल स्टोर से निकाले गए 900 इंजेक्शनों का भी पता नहीं चल सका है।
दो वर्ष पहले कोरोनेशन अस्पताल से 900 दर्द निवारक इंजेक्शन गायब होने का मामला सामने आया था। उस वक्त शिकायत करने वाले ने शक जताया था कि शायद ये इंजेक्शन नशे के होने के कारण इन्हें बेचा गया। इसी आधार पर डॉ. एसएन सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच में भी पाया गया कि अस्पताल के सेंट्रल स्टोर से लगभग 900 दर्द निवारक इंजेक्शन निकालने का रिकॉर्ड तो है, लेकिन ये किस मरीज को और किस वार्ड में लगाए गए इसकी जानकारी नहीं मिली। जांच रिपोर्ट में कुछ लोगों की मिलीभगत से इंजेक्शन बेचने की आशंका जाहिर की गई। समिति ने यही जांच रिपोर्ट तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंप दी थी। बहरहाल अभीतक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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मैंने जांच की थी। रिपोर्ट में क्या था यह तो ठीक से याद नहीं, लेकिन इतना याद है कि अस्पताल के सेंट्रल स्टोर से इंजेक्शन बाहर निकाले गए थे, लेकिन मरीजों को नहीं लगाए गए। रिपोर्ट सीएमएस साहब को सौंपी गई थी, लेकिन इसके बाद क्या हुआ यह जानकारी नहीं है।
-डॉ. एसएन सिंह, तत्कालीन जांच अधिकारी
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मेरे वक्त का मामला नहीं है। इसलिए मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
-डॉ. बीसी रमोला, सीएमएस कोरोनेशन अस्पताल