ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। क्लेमेंटटाउन कैंट क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों पर जल्द गाज गिरेगी। क्षेत्र में बने ऐसे भवनों का सर्वे कर इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई कर कैंट बोर्ड जुर्माना वसूलेगा। सोमवार को हुई कैंट बोर्ड की बैठक यह निर्णय लिया गया। साथ ही इसमें 17 बिंदुओं पर भी चर्चा की।
कैंट सभागार में कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर सुभाष पंवार की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में 100 भवन नक्शों को मंजूरी दी। जबकि 44 दाखिल खारिज किए गए। इसके अलावा विधायक निधि से होने वाले दो कार्यों को एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) जारी की गई। इस दौरान सभासदों ने जल्द सफाई व्यवस्था के टेंडर करवाने की भी मांग की। टेंडर न होने तक आउटसोर्स कर्मचारी कैंट की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे। बैठक में एक सफाई निरीक्षक की भर्ती को भी मंजूरी दी है। कैंट उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि सभासदों ने मासिक खर्च की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। इस पर मुख्य अधिशासी अभियंता अभिषेक राठौर ने अधिनस्थों को खर्च की जांच कर अगली बोर्ड बैठक में इसे रखने की बात कही है। बैठक में रामकिशन यादव, शाहीना अख्तर, टेक बहादुर, तासीम अली आदि मौजूद रहे।
कैंट का कूड़ा जाएगा शीशमबाड़ा
बैठक में फैसला लिया गया कि कैंट में एकत्र होने वाले कूडे़ को शीशमबाड़ा में बनाए गए ट्रंचिंग ग्राउंड में पहुंचाया जाएगा। इससे पहले टर्नर रोड पर बने ट्रंचिंग ग्राउंड में कैंट का कूड़ा डाला जाता था। आवारा कुत्तों से लोगों को बचाने के लिए नगर निगम से इनकी नसबंदी कराने का फैसला लिया गया।
दो माह के लिए बढ़ाया स्कूल का टेंडर
ब्रिगेडियर सुभाष पंवार ने मानव संस्था द्वारा चलाए जा रहे तरंग स्कूल के टेंडर को दो माह के लिए बढ़ा दिया है। साथ ही उन्होंने छावनी परिषद में अनुबंध पर चल रहे अन्य स्कूलों की जांच के निर्देश दिए। तरंग स्कूल में दिव्यांग बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाता है। जिसका पूरा खर्च कैंट बोर्ड की ओर से उठाया जाता है। वर्तमान में स्कूल में 44 छात्र और 11 शिक्षक हैं।