ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश में डायरिया से निपटने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से बच्चों को रोटा वायरस वैक्सीन लगाई जाएगा। इसके लिए केंद्र से रोटा वायरस वैस्सीन की खेप प्रदेश में पहुंच गई है। सितंबर में इस वैक्सीन की विधिवत लांचिंग की जाएगी। वहीं टीकाकरण के लिए मंगलवार से एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राज्य टीकाकरण अभियान की नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि जानलेवा डायरिया की रोकथाम के लिए रोटा वायरस वैक्सीन लगाई जाएगी। देश के कई राज्यों में वैक्सीन लांच कर दी गई है। इसी क्रम में सितंबर में उत्तराखंड में भी वैक्सीन लांच की जाएगी। सितंबर से बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में नौनीहालों को 10 तरह के टीके लगाए जाते हैं। ऊधमसिंहनगर में जापानी बुखार के लिए एक अतिरिक्त वैक्सीन लगाई जाती है। शोध के अनुसार रोटा वायरस वैक्सीन डायरिया जैसे खतरनाक रोग की रोकथाम के लिए बेहद कारगर साबित होगी। इससे प्रदेश में शिशु मृत्यु दर को कम करने में बहुत मदद मिलेगी। पिछले साल तक शिशु मृत्यु दर 38 प्रति हजार थी। जनवरी 2019 में आए आंकड़ों के अनुसार इसमें छह अंकों की कमी आई है। रोटा वायरस वैक्सीन लगने के बाद मृत्यु दर में निश्चित रूप से कमी आएगी।