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उपनल कर्मियों की हड़ताल से ओपीडी रही ठप

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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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फरवरी के बाद से मानदेय भुगतान और नवीनीकरण नहीं होाने से आक्रोशित उपनल स्वास्थ्यकर्मियों ने बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उपनल कर्मियों के हड़ताल पर जाने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने बृहस्पतिवार को आपातकालीन सेवाओं के अलावा सभी सेवाएं ठप कर दीं। इससे मरीजों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी।
सीएचसी विकासनगर में नियुक्त 32 पैरा मेडिकलकर्मियों में से कुल 28 कर्मी उपनल के हैं। ओपीडी, इंडोर वार्ड, जच्चा-बच्चा केंद्र, ओटी सहित आपातकालीन वाहन सेवा का संचालन इन्हीं उपनलकर्मियों की जिम्मे है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन भी उपनलकर्मियों की ही जिम्मेदारी है।
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बृहस्पतिवार सुबह उपनल स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल कर दी। इसके चलते अस्पताल प्रबंधन को ओपीडी का संचालन ठप करना पड़ा। इस बाबत प्रबंधन ने सुबह ही सीएचसी के मुख्य गेट पर सूचना चस्पा कर दी थी। इसके बाद इंडोर वार्ड में भर्ती मरीजों की मरहम पट्टी की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स व फार्मेसिस्ट पर आ गई। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी ओटी, प्रसूति विभाग में भर्ती मरीजों व तीमारदारों को झेलनी पड़ी। एंबुलेंस सेवा ठप होने से गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से हायर सेंटर ले जाना पड़ा। हालांकि सीएचसी प्रबंधन ने ओटी व प्रसूति विभाग में नियमितकर्मियों को अतिरिक्त समय तक ड्यूटी देने के निर्देश दिए हैं।
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जब तक उपनलकर्मियों की हड़ताल समाप्त नहीं हो जाती है तब तक अस्पताल प्रबंधन ओपीडी संचालन में असमर्थ है। अस्पताल में मात्र चार नियमित कर्मचारी ही तैनात हैं। इनके सहारे छह सौ से अधिक की ओपीडी का संचालन मुश्किल है। नियमित कर्मचारियों को आपातकालीन सेवा में तैनात किया गया है।
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-डॉ. केके शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी माह के बाद से उपनलकर्मियों का नवीनीकरण नहीं किया है। नवीनीकरण नहीं होने से कर्मचारियों को फरवरी माह के बाद से ही मानदेय नहीं मिला है। नवीनीकरण और मानदेय भुगतान की मांग पर अंतिम फैसला होने के बाद ही हड़ताल समाप्त की जाएगी।
-अनिल गैरोला, अध्यक्ष उपनल कर्मचारी संघ पछवादून
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