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सती का प्रसंग सुन भावविमोर हुए श्रद्धालु

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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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सेलाकुई। हरिपुर के ग्राम देवता मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद देवी भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को कथा वाचक अनिल कृष्ण महाराज ने देवी सती का प्रसंग सुनाया। इस प्रसंग से कथा वाचक ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश भी दिया।
कथा वाचक अनिल कृष्ण महाराज ने कहा कि कठिन तपस्या के बाद माता सती ने भोलेनाथ को पति के रूप में प्राप्त किया था, लेकिन दक्ष प्रजापति भगवान भोलेनाथ को पसंद नहीं करते थे। राजा दक्ष ने कनखल में हवन का आयोजन किया था। इसमें सभी देवों और राजाओं को आमंत्रित किया गया, लेकिन भगवान भोलेनाथ को न्यौता नहीं दिया गया। माता सती के हवन में जाने के बाद दक्ष ने उनके सामने भगवान भोलेनाथ का अपमान किया। इसे माता सती बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उन्होंने हवन कुंड में अपनी आहुति दे दी। इससे क्रोधित भोलेनाथ ने हवन कुंड को नष्ट कर दिया और माता सती के शरीर को उठा ले गए। माता सती के शरीर के अंश जहां जहां गिरे वे स्थान आज भी सिद्धपीठ के तौर पर विख्यात हैं।
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कथा वाचक ने कहा कि कभी भी बेटी का अपमान नहीं करना चाहिए। बेटी को मायके में समुचित सम्मान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही ससुराल में सम्मान का अधिकारी बनाने के लिए बेटी को शिक्षित बनाना जरूरी है। इससे पूर्व उन्होंने सती और शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। इसके साथ ही कथा के दौरान भोले के भजन भी गाए। इस दौरान शूरवीर सिंह चौहान, रीता शर्मा, वीर सिंह रावत, बलवीर सिंह गुसाईं, राजेंद्र प्रसाद बडोनी, प्रेम सिंह गुसाईं, हेमंत सिंह नेगी, कुंदन सिंह नेगी, लीला देवी, अनीता गुसाईं, चंद्र किशोर भट्ट, मोहर सिंह नेगी, विमला नेगी आदि मौजूद रहे।
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