ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
कालसी। जौनसार बावर और पछवादून के युवाओं को कुशल बनाकर रोजगार के लिए तैयार करने वाले राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के सभी संस्थान किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में अनुदेशकों (शिक्षकों) की भी कमी बनी हुई है। किसी भी संस्थान में परीक्षा केंद्र की सुविधा नहीं होने से युवाओं को परीक्षा के लिए विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ती है।
त्यूनी, ग्वांसा पुल, लाखामंडल और कालसी स्थित आईटीआई में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं की दशा बदलने की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है। कालसी, लाखामंडल और त्यूनी का आईटीआई किराए के भवन में चल रहा है। कई संस्थानों के एक कमरे में संचालित होने से युवाओं को पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं मिल पा रहीं हैं। लाखामंडल और त्यूनी के आईटीआई में अनुदेशकों की तैनाती ही नहीं हुई है। दोनों की संस्थान सिर्फ एक फोरमैन के सहारे संचालित हो रहे हैं। साथ ही किसी भी संस्थान में प्रधानाचार्य का पद ही सृजित नहीं है।
स्थापना के चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन संस्थानों में अभी तक परीक्षा देने की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्वयं के संसाधनों पर विकासनगर के संस्थान में परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। कई बार मार्ग अवरुद्ध होने के चलते ग्रामीण क्षेत्र के युवा परीक्षा से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनका दो वर्ष का प्रशिक्षण बेकार चला जाता है। सबसे अधिक फजीहत युवतियों को झेलनी पड़ती है।
उधर, उप निदेशक राजकीय प्रशिक्षण संस्थान जेएम नेगी ने बताया कि सभी संस्थानों में पर्याप्त अनुदेशकों की तैनाती कर दी जाएगी और भवन निर्माण के लिए शीघ्र ही बजट की व्यवस्था की जाएगी। जबकि, संस्थानों में छात्र संख्या कम होने से परीक्षा केंद्र बनाया जाना संभव नहीं हो रहा है।