फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीनियर छात्रों को नुकसान बताकर रोकेंगे रैगिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

नए सत्र की शुरुआत में नवागंतुक छात्रों के साथ ही सीनियर छात्रों को रैगिंग के नुकसान समझाए जाएंगे। इसके लिए यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2009 में आए उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत यूजीसी ने यह पोस्टर जारी किए हैं।
यूजीसी ने चार तरह के पोस्टर जारी किए हैं। इनमें रैगिंग के बाद होने वाले नुकसान के तहत छात्र का भविष्य चौपट हो सकता है। रैगिंग करने वाले छात्र को जेल जाना पड़ सकता है। पढ़ाई पर पाबंदी लग सकती है। पोस्टर में ऐसे ही तमाम नुकसान पर फोकस किया गया है। यह पोस्टर सभी विश्वविद्यालयों को भेजे जा चुके हैं। इन पोस्टरों को छात्रों की भीड़ वाले स्थान जैसे हॉस्टल, मेस, कैंटीन, अकादमिक ब्लॉक आदि में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यूजीसी के मुताबिक विश्वविद्यालयों के अलावा उनके संबद्ध कॉलेजों को भी यह पोस्टर लगाने होंगे। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत का कहना है कि यूजीसी के निर्देशानुसार सभी कॉलेजों को यह पोस्टर भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर: 18001805522
ई-मेल पता : helpline@antiraeging.in
अशक्त छात्रों के लिए आंतरिक समिति
सभी विश्वविद्यालयों में अशक्त छात्रों को बेहतर माहौल देने के मकसद से आंतरिक समिति का गठन करना होगा। विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए बनी इस समिति में छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल होंगे। वह विशेष समिति छात्रों की जरूरतों के हिसाब से विवि प्रशासन को अवगत कराएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें