फर्जी वेबसाइटों के जरिये जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व पार्क आने वाले पर्यटकों को ठगने संबंधी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्हाेंने इस संबंध में जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
साथ ही पर्यटकों को आगाह करते हुए कहा है कि वे जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व की असली वेबसाइट पर ही जाकर आरक्षण कराने के साथ ही अन्य भुगतान करें।
जयराज का कहना है कि पिछले दिनों वे खुद जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व भ्रमण पर गए थे। उस दौरान कई पर्यटकों से बातचीत में पता चला था कि जालसाजाें ने फर्जी वेबसाइटों के जरिये पर्यटकों से एक दिन के लिए 30,000 रुपये तक वसूले थे। प्रमुख वन संरक्षक का कहना है कि यह प्रकरण बेहद गंभीर है। इससे वन विभाग व जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन की साख को भी बट्टा लगा है।
बीते दिनों जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व के कार्यवाहक निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने जांच में पाया था कि कई जालसाज टाइगर रिजर्व की फर्जी वेबसाइटों के जरिये पर्यटकों के साथ ठगी कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने अधिवक्ता के जरिये 15 कंपनियों को कानूनी नोटिस भी भेजा है लेकिन अब इस प्रकरण में प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने जांच के आदेश जारी किए है।
साफ्टवेयर किया जाएगा अपडेट
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि पर्यटकों को आरक्षण व अन्य कार्य में दिक्कत न हो, इसके लिए वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे साफ्टवेयर ई-कार्बेट 2.0 को अपडेट किया जाएगा। इस संबंध में संबंधित अधिकारियाें को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
यह है कार्बेट की असली वेबसाइट : www.corbettonline.uk.gov.in