ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के सफाई कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के चलते विवि परिसर में गंदगी के ढेर लग गए हैं। कूड़ा और गंदगी से परेशान कुलपति ने कार्यालय आना ही छोड़ दिया है। वहीं मरीज में अस्पताल जाने से हिचक रहे हैं। फिलहाल कुलपति जरूरी फाइलें अपने आवास से ही निपटा रहे हैं।
हर्रावाला स्थित आयुर्वेद विवि के परिसर में 10 सफाई कर्मचारी काम करते हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि कई महीने से वेतन नहीं मिलने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। काफी उधारी हो गई है और अब परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। वेतन भुगतान की मांग पर सफाई कर्मचारियों ने सात मई से काम बंद कर रखा है, लेकिन विवि प्रशासन ने अभीतक कोई रास्ता नहीं निकाला है। वहीं सफाई व्यवस्था ठप होने से पंचकर्म केंद्र और अस्पताल परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। ऐसे हालात में मरीज तो दूर विवि कर्मी भी यहां आने से कतराने लगे हैं। गंदगी के कारण कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार खुद भी कार्यालय नहीं जा रहे हैं। परिसर में ही कुलपति का आवास है, जहां से वे जरूरी फाइलें निपटा रहे हैं। वहीं कुलसचिव रामजी शरण शर्मा ने करीब 15 दिन पहले कर्मचारियों के वेतन की फाइल चलाई थी, लेकिन भुगतान अभीतक नहीं हो सका है।
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हमने आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से सफाई कर्मचारी मंगाए थे। कंपनी से कुछ कागजी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने नहीं की है। इसलिए हम कंपनी को बजट नहीं दे पा रहे हैं। हमने कर्मचारियों को मजदूरी पर काम करने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं माने।
-रामजी शरण शर्मा, कुलसचिव, आयुर्वेद विवि