ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वेतन न मिलने से नाराज उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के सफाई कर्मचारी करीब डेढ़ माह से कार्यबहिष्कार कर रहे हैं। बुधवार को विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा नए कर्मचारी बुलाने पर पूर्व सफाई कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि पहले उनका भुगतान किया जाए। इसके बाद नई भर्ती की जाए।
आयुर्वेद विवि प्रबंधन ने बुधवार को सफाई व्यवस्था के लिए आठ नए कर्मचारी बुलाए थे। विवि में नए सफाई कर्मचारियों के पहुंचने की खबर मिलने पर वेतन के लिए सात मई से आंदोलनरत कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। आंदोलनरत कर्मचारियों विवि का गेट बंद कर दिया। हालांकि बाद में हंगामा बढ़ता देख गेट खोल दिया गया। इसके बाद नए कर्मचारियों ने सफाई शुरू कर दी, लेकिन पुराने कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख मौके पर पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने किसी तरह कर्मचारियों का शांत कराया और जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया। फिलहाल विवि में कोई भी सफाई कर्मचारी काम नहीं करेगा। विवि के कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार ने आंदोलनरत कर्मचारियों से बात की, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया है।
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विवि ने जून 2018 के बाद से सिर्फ एक-दो बार ही वेतन दिया है। हमारे परिवार हैं। सिर पर कर्जा हो गया है। इसका जिम्मेदार कौन होगा।
-अरुणा, सफाई कर्मचारी
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हमने पूरी कोशिश की, लेकिन जब वेतन ही नहीं देंगे तो हम काम कैसे कर पाएंगे। जब तक हमारा भुगतान नहीं होगा, हम किसी को काम नहीं करने देंगे।
-कमलेश, सफाई कर्मचारी
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यूनिवर्सिटी वालों ने पहले बोला था कि जल्द ही भुगतान कर देंगे। अब इतने दिन हो गए, लेकिन कहते हैं कि अपने ठेकेदार से पूछो। हम ठेकेदार को कहां तलाश करें।
-श्यामा, सफाई कर्मचारी
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विवि की ओर से जानबूझकर हमारा पैसा रोका गया है। हमारे परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। हम क्या करें। पहले हमारा भुगतान कर दो, फिर नए कर्मचारी रख लो।
-किरन, सफाई कर्मचारी