ब्यूरो,अमर उजाला/विकासनगर
पश्चिम बंगाल की घटना से आक्रोशित सरकारी चिकित्सकों ने सोमवार को सुबह आठ बजे से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। जबकि, निजी चिकित्सकों ने पूरे दिन अपने क्लीनिक बंद रखे। दो घंटे देरी से शुरू हुई ओपीडी और निजी क्लीनिकों के बंद रहने से सीएचसी विकासनगर में दिन भर मरीजों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सीएचसी विकासनगर, पछवादून के साथ ही जौनसार बावर, उत्तरकाशी, टिहरी और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। जिसके चलते यहां हर रोज 600 के करीब ओपीडी संचालित होती हैं। सोमवार को भी सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई थी। आठ बजे से मरीज चिकित्सकों के केबिन के बाहर खड़े हो गए, लेकिन दस बजे तक चिकित्सकों के नहीं आने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि निजी चिकित्सकों की पूरे दिन की हड़ताल से भी सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। हालांकि दस बजे से सीएचसी के सभी चिकित्सक ओपीडी में बैठ गए थे, जिसके बाद मरीजों का उपचार शु हुआ।
कार्य बहिष्कार करने वालों में डॉ. केके शर्मा, डॉ. विजय सिंह, डॉ. टीसी टुंगरियाल, डॉ. हिमाद्री रौंकली पांगती आदि शामिल रहे।
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डॉ. के ओपीडी में बैठने से मरीजों को राहत
सीएचसी विकासनगर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तैनात चिकित्सक डॉ. अमित अग्रवाल के ओपीडी में बैठने से मरीजों को काफी राहत मिली। इन दिनों शिक्षण संस्थानों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण आरबीएसके की स्वास्थ्य टीम भी छुट्टियां मनाने के बजाय हर रोज सीएचसी की ओपीडी में अपना योगदान दे रहे हैं, जिससे चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल प्रबंधन को राहत मिलने के साथ ही मरीजों को भी समय पर उपचार मिल रहा है।