ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत दून हेरिटेज स्कूल में बच्चों को प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा से जांच रिपोर्ट के साथ प्रवेश सूची भी तलब की है। इसके अलावा स्कूलों में सीसीटीवी और बसों में जीपीएस लगाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें, एक अभिभावक ने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत दून हेरिटेज स्कूल में अपनी बच्ची के दाखिले का आवेदन किया था। दाखिला न मिलने पर अभिभावक ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के पास शिकायत की थी, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अभिभावक ने बाल संरक्षण आयोग में शिकायत की। इस पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा से जांच रिपोर्ट के साथ प्रवेश सूची भी तलब की है। इसके अलावा शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों की संख्या, प्रवेश नहीं देने का कारण सोसायटी द्वारा क्रय-विक्रय की गई संपत्ति का ब्योरा भी मांगा है। साथ ही आयोग ने स्कूल संचालित करने वाली सोसायटी के पंजीकरण, आयकर प्रमाणपत्रों, तीन वर्ष की बैलेंस शीट, विभिन्न मदों में वसूली जा रही धनराशि का विवरण आदि का ब्योरा तलब किया है।
स्कूलों में लगाएं सीसीटीवी, बसों की जीपीएस से हो निगरानी
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्कूल बसों में जीपीएस लगाने की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।