ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
धरती पर पिता ईश्वर के समान है। वह बच्चों की हर खुशी का पूरा ख्याल रखते हैं। बच्चों की खुशी में ही उनकी पूरी दुनिया है। पिता की खुशी अपने बच्चों की सफलता में निहित होती है। एक पिता अपने बच्चों की सफलता के लिए हर त्याग करने के लिए सदैव तैयार रहता है। ऐसे ही कहानी दून के रिक्शा चालक राजन भंडारी की है।
ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले प्रेमनगर के बड़ोवाला निवासी राजन भंडारी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। राजन के बेटे अक्षित (12) को डांस में करियर बनाने की लगन है। अक्षित तीन साल से बनियावाला स्थित एक डांस एकेडमी में डांस की बारीकियां सीख रहा है। अक्षित को सोनी टीवी में प्रसारित होने वाले सुपर डांसर चैप्टर तीन में मौका मिला तो आर्थिक समस्या आड़े आ गई। हालांकि राजन ने बेटे की खुशी के लिए अपनी आजीविका का साधन दांव पर लगा दी और ई-रिक्शा की बैटरी बेच दी। इसके बाद राजन ने केबल ऑपरेटर की काम शुरू करके किसी तरह परिवार को संभाला। अब अक्षित सुपर डांसर चैप्टर तीन के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। राजन भंडारी ने कहा कि अक्षित की इस कामयाबी से परिवार को एक नई पहचान मिली है। उन्होंने अक्षित के पक्ष में अधिक से अधिक वोट करने की अपील की है। अक्षित की छोटी बहन आंचल भंडारी कक्षा 11 की छात्रा है।