ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
13 साल की बच्ची का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने वाले आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष जज पॉक्सो रमा पांडेय की अदालत ने दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को अदा करने के आदेश दिए गए हैं।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि सात मई 2018 को सहसपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी 13 साल की बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि मूल रूप से कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी रजत कुमार किराए पर गाड़ी चलाता है। जब घर में कोई मौजूद नहीं रहता था तो वह उनकी बच्ची से छेड़छाड़ करता था। अब बच्ची घर पर नहीं है। उन्हें शक है कि रजत ही उनकी बेटी को कहीं ले गया है। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 10 मई को पुलिस ने बल्लुपुर चौक से रजत को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बच्ची को मुक्त कराया। न्यायालय में पेश कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज गया। बच्ची ने दुष्कर्म की बात बताई तो आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दुष्कर्म संबंधी धाराएं जोड़ी गई।
पुलिस ने 14 जुलाई 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। छह सितंबर-2018 को रजत पर आरोप तय हुए। अभियोजन की ओर से मुकदमे में कुल छह गवाह पेश किए गए। बच्ची के मजिस्ट्रेटी बयानों को भी न्यायालय ने आधार माना। दोनों पक्षों की बहस के बाद शुक्रवार को इस मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी को दुष्कर्म में 10 साल और अपहरण में तीन साल की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।