ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
प्रशासन की ओर से शक्तिनहर से लगी नवाबगढ़ बस्ती को अवैध करार देते हुए उसे खाली कराने का फरमान जारी करने के बाद बस्ती के लोगों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन पर जबरन बस्ती खाली कराने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को डीएम को भेजे ज्ञापन में लोगों ने बताया कि शक्तिनहर किनारे पुरखों की जमीन पर लगभग 50 वर्षों से बसी बस्ती में दो सौ परिवार निवास करते हैं। अब सिंचाई विभाग इस जमीन पर अपना हक जता रहा है, जबकि उनकी लगभग 40 बीघा जमीन सिंचाई विभाग के कब्जे में है। बताया कि बस्ती के लोगों को इसी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की सुविधा भी मिली है। साथ ही सरकारी योजना से इस बस्ती में शौचालय का निर्माण भी कराया गया है। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति के पास अपनी जमीन होना जरूरी है। इससे जाहिर है कि बस्ती पुश्तैनी जमीन पर ही बसी हुई है।
बस्ती के निवासियों ने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन पर जबरन बस्ती उजाड़ने का आरोप लगाते हुए डीएम से उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर रमेश, जहांगीर, अरशद, रामस्वरूप, शबाना बेगम, इरफान, विमला, जब्बार, सत्तार, मनकुमारी, ममता आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि अभी अवैध कब्जों को चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है। चिह्नीकरण के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।